सागर चंद्रा/ किशनगंज
डायल 112 में ईआरभी थ्री में तैनात सिपाही संख्या 230 समीर कुमार के द्वारा अपने सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने मामले में टाउन थाने में यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिल्हाल पुलिस एफएसएल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
इधर घटना की जानकारी मिलते ही रविवार शाम मृतक के परिजन भी किशनगंज पहुंच गए।
समीर की पत्नी पूजा कुमारी व पिता नागेश्वर दास सहित अन्य परिजन शव से लिपटकर जोर जोर से रोने लगे। उनकी चित्कार को सुनकर उपस्थित पुलिस कर्मियों की आंखें भी नम हो गई। हालांकि परिजनों ने काम के दबाव के कारण समीर के द्वारा आत्महत्या करने का आरोप लगाया गया है।
इससे पूर्व सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन लाया गया। जहां पूरे राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
पुलिस लाइन के शहीद स्थल पर एसपी संतोष कुमार, एसडीपीओ खुसरू सिराज सहित सभी उच्च अधिकारियों और साथियों द्वारा पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया गया। जबकि जवानों ने साथी के शोक में हथियार उल्टे करके उन्हें सलामी दी। तत्पश्चात पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक निवास के लिए रवाना कर दिया गया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि रविवार सुबह 08:10 बजे थाना परिसर में बने सिपाही बैरक से गोली चलने की आवाज सुनाई दी थी। मौके पर पहुंचने पर बैरक के बरामदा पर रखे बेड पर समीर खून से लथपथ पड़ा था। उसके बांये हाथ में पिस्टल था, जो उनके कनपटी से सटा हुआ था। उसके सर से तेजी से खून बह रहा था। लेकिन समीर के शरीर में हलचल को देखकर सहकर्मियों ने उसे फौरन इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। चिकित्सक ने जांचोपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।