बिहार :लालू तेजस्वी के दायरे से बाहर निकले एनडीए नेता,राज्य की दयनीय स्थिति के लिए एनडीए जिम्मेदार -आरजेडी

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पटना /संवाददाता।

राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने NDA नेताओं से कहा है कि कम से कम कोरोना महामारी के इस विपदा में भी वे लालू-तेजस्वी के दायरे से बाहर निकलें।राजद प्रवक्ता ने कहा कि लगभग सोलह वर्षों से बिहार की सत्ता पर काबिज NDA के नेता आज भी लालू-तेजस्वी के दायरे में ही अपने को उलझाये हुए हैं।इसी का परिणाम है कि बिहार आज चौहत्तर साल पीछे चला गया है।







उन्होंने कहा कि बिहार को पहले भी हैजा, चेचक और प्लेग जैसे महामारियों से गुजरना पड़ा था।परन्तु साधन और सुविधा की कमी के बावजूद ऐसी बदत्तर स्थिति कभी नहीं हुई थी कि शमशान और कब्रिस्तान में भी लोगों को घंटों इंतजार करना पड़े और बगैर संस्कार के सैकड़ों शव गंगा जी में तैरता मिले।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि आज बिहार की जो इतनी वीभत्स स्थिति हुई है इसके लिए पूर्ण रूप से लगभग सोलह वर्षों से बिहार की सत्ता में बैठे भाजपा और जदयू जिम्मेवार है। चूंकि NDA नेता आजतक कभी लालू-तेजस्वी के दायरे से बाहर निकल ही नहीं पाये। वे सोलह वर्षों से सत्ता में रहते हुए भी 2005 के पहले वाली मानसिकता में हीं उलझे रहे। बिहार की जनता के प्रति अपनी जिम्मेवारी को कभी समझने का प्रयास भी नहीं किया।आज भी टीकाकरण में पिछड़ने के लिए सांसद सुशील मोदी, लालू जी और राबडी जी का माला जप रहे हैं। स्थिति यह है कि राज्य में वैक्सीन उपलब्ध है नहीं।टीकाकरण केन्द्रों पर से लोग लौट रहे हैं। स्वास्थ्य केन्द्रों पर वैक्सीन नहीं है के बोर्ड लगा दिये गये हैं और सुशील मोदी बंद कमरे में बैठ कर ट्वीट पर ट्वीट कर रहे हैं। केन्द्र की सरकार से बिहार के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मांगने की हिम्मत नहीं हो रही है। सुशील कुमार मोदी जैसे लोग आज हंसी के पात्र बन चुके है ।






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