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कटिहार में मासखमण तप अभिनंदन,मुनि प्रशांत बोले..भगवान के प्रति भाव से करें तप

भगवान के प्रति भक्ति भाव से तप करें – मुनि प्रशांत

कटिहार – मुनिश्री प्रशांत कुमारजी मुनिश्री कुमुद कुमारजी के सान्निध्य में विवेक पटावरी के मासखमण तप अभिनंदन समारोह में संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रशांत कुमारजी ने कहा- तपस्या अपने आप में महान कार्य है। भगवान महावीर स्वामी ने इसे मोक्ष का एक मार्ग बताया है। ज्ञान, दर्शन, चारित्र, तप चारों मिलते है तब हमारा मुक्ति की ओर आगे बढ़ने का रास्ता प्रशस्त होता है।

जीवन में चारों का विकास करें। तपस्या से कर्म झड़ जाते है। चिंतन करें कौन सा तप करना है।तप के प्रति लक्ष्य सकारात्मक रहे। आत्मशुद्धि का लक्ष्य रहे। हमें बंधें हुए कर्म की निर्जरा करनी है। भगवान के प्रति भक्तिभाव से तप करें ‌उससे महान कर्म की निर्जरा होने के साथ पुण्य का बंध होता है। भक्ति के भावों, अहोभाव,श्रद्धा भाव से तपस्या की जाती है तो महान तप हो जाता है।

गौतम स्वामी को भक्ति से लब्धि की प्राप्ति हो गई। अभिमान के साथ, बदले की भावना, भौतिक कामना से कर्म का बंधन हो जाता है। तपस्या में स्वयं का मनोबल दृढ़ होना जरूरी है। तपस्या का मार्ग निरन्तर आगे बढ़ने का है।तप में सहयोगी बनें अंतराय न दे। उससे भारी कर्म का बंधन होता है। तपस्वी को देखकर तपभाव आना भी शुभ कर्म का योग होता है। धर्म के मार्ग में देखा-देखी करें।पाप में होंडा होड़ न करें।

पटावरी परिवार में सुंदर अवसर आया है मां बेटे की संयुक्त तपस्या का। मंगलकामना तप के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़े। मुनिश्री कुमुद कुमारजी ने कहा- तप धार्मिक जीवन की पहचान है। त्याग करना, छोड़ना बहुत कठिन होता है। आसक्ति का त्याग करना सीखे। अपने नकारात्मक भाव का त्याग,कषाय का त्याग करना मासखमण से भी अधिक कठिन तप हो जाता है।तप त्याग की भावना, कर्म का क्षयोपशम, आत्मबल, गुरु की शक्ति से ही विवेक पटावरी ने इतना बड़ा तप किया है।

अहिंसा,संयम,तप धार्मिक जीवन की पहचान है। हनुमान नाहटा ने बताया कि- महिला मंडल के मंगलाचरण से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा जी के संदेश का वाचन मुनिश्री कुमुद कुमारजी ने किया।तेरापंथ सभा मंत्री राजकुमार पुगलिया, तेरापंथ युवक परिषद सहमंत्री निशांत संचेती, तेरापंथ महिला मंडल से ललिता दुगड़,नेपाल बिहार सभा अध्यक्ष विरेंद्र संचेती, राहुल दस्साणी, पारुल दुगड़, बजरंग सेठिया,बहु- बेटी, पटावरी पारिवारिक सदस्यों ने गीत एवं वक्तव्य प्रस्तुत किया। सभा, महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं साहित्य से तपस्वी विवेक पटावरी का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का संचालन मुनि श्री कुमुद कुमार जी ने किया।

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