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फरक्का जल संधि बिहार के हितों के प्रतिकूल – संजय झा

फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ का आयोजन

कटिहार – फरक्का जल संधि को लेकर बिहार के हितों और जल अधिकारों की रक्षा के लिए जनता दल यूनाइटेड ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। बुधवार को शहर के टाउन हॉल में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ अभियान के तहत विशाल जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

इससे पहले शहर में जागरूकता मैराथन दौड़ निकाली गई। कार्यक्रम में संधि के कथित दुष्प्रभावों पर आधारित वृत्तचित्र दिखाया गया और पर्चे वितरित किए गए। सभा को संबोधित करते हुए संजय कुमार झा ने कहा कि वर्ष 1996 में भारत-बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि बिहार के हितों के प्रतिकूल है। इसके वर्तमान स्वरूप में नवीनीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित नई संधि में वर्ष 2050 तक बिहार की जल आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए।

प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि संधि का करीब 73 प्रतिशत बोझ बिहार पर पड़ रहा है। फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद जमा होने और नदी के उथला होने से राज्य में बाढ़ का संकट बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि संधि की अवधि 12 दिसंबर को समाप्त हो रही है। भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने इसे बिहार के जल अधिकारों पर कुठाराघात बताते हुए कहा कि इसका असर खेती, पेयजल और औद्योगिक विकास पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में संधि को लेकर कोई भी निर्णय बिहार की जरूरतों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश राय और महानगर अध्यक्ष विशाल राणा ने किया। इस दौरान विधायक दुलाल चंद्र गोस्वामी, विजय सिंह निषाद, पूर्व सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम , जदयू के प्रदेश स्तरीय नेता शिव प्रकाश गारोदिया, डा सुशील कुमार सुमन, नरेश शर्मा, रवि महावर, सतीश ठाकुर, शंभू सुमन, हीरा लाल राही सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने इसे बिहार के जल अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई बताया।

रिपोर्ट: सत्येंदु सुमन

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