सागर चंद्रा/किशनगंज
एक शिक्षक के द्वारा शादी करने का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने और पीड़िता के गर्भवती हो जाने के बाद जबरन गर्भपात करा कर शादी करने से इंकार करने का मामला सामने आया है। मामले का खुलासा शुक्रवार को उस वक्त हुआ जब पीड़िता आरोपी शिक्षक को उसके कुकृत्य की सजा दिलाने की मांग को लेकर पुलिस के समक्ष जा पहुंची। पीड़िता के लिखित शिकायत पर स्थानीय महिला थाने में केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार दिघलबैंक थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता का जिया पोखर थाना क्षेत्र के सोनामुनी गांव निवासी जेठा मुर्मू पिता लखु मुर्मू के साथ पूर्व से जान-पहचान थी। जेठा मुर्मू वर्तमान में उत्क्रमित मध्य विद्यालय गिल्हाबाड़ी में शिक्षक के पद पर कार्यरत है। वर्ष 2014 में पीड़िता पढ़ाई के लिए अपने भाई के साथ भाड़े पर कमरा लेकर किशनगंज में रहती थी।
जबकि जेठा पूर्णिया में पढ़ाई कर रहा था।उसी वर्ष दिपावली की छुट्टी में भाई के गांव चले जाने के बाद अचानक जेठा उसके कमरे में पहुंच गया और शादी करने का झांसा देकर जबरन दुष्कर्म किया था। घटना के बाद जेठा ने नौकरी करने के बाद शादी करने का झांसा देकर पीड़िता के साथ लगातार दुष्कर्म करता। जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। जिसकी जानकारी मिलते ही जेठा ने जबरन पीड़िता का गर्भपात करा दिया। वर्ष 2014 से 2023 के बीच जेठा ने दो बार पीड़िता का गर्भपात कराया।
लेकिन 3 जून 2023 को आस-पड़ोस के लोगों ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। दोनों के परिजनों की उपस्थिति में मामले को लेकर पंचायती की गई। पंचायती में जेठा के परिजन नौकरी मिलने के बाद दोनों की शादी कराने के लिए तैयार हो गये। साथ ही लॉटरी के द्वारा शादी का एकरारनामा बना दिया गया।
इस बीच वर्ष 2025 में जेठा मुर्मू को शिक्षक की नौकरी मिल गई। इसके बाद जून 2025 में पीड़िता के मायके वाले शादी की बात करने जेठा के घर सोनामुनी पहुंचे। लेकिन जेठा के परिजनों ने दोनों की शादी कराने से इंकार कर दिया। इधर नौकरी मिलने के बाद जेठा का भी हृदय परिवर्तन हो गया और वह पीड़िता के साथ दूरी बनाने लगा। साथ ही वह शादी करने के एवज में 5 लाख रुपये दहेज की मांग भी करने लगा। जिससे पीड़िता के पैरों तले की जमीन खिसक गई। आखिरकार जेठा को उसके कुकर्मों की सजा दिलाने के लिए पीड़िता ने कानून का सहारा ले लिया।
मामले में आरोपी शिक्षक का पक्ष जानने के लिए उनसे मोबाइल पर संपर्क करने की चेष्टा की गई। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव करना भी मुनासिब नहीं समझा।
महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी ने बताया कि पीड़िता के लिखित शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।