मुरलीधर झा/दिघलबैंक
दिघलबैंक प्रखंड की धनतोला पंचायत अंतर्गत पांचगाछी गांव में शुक्रवार को नेपाल से भटककर एक नीलगाय का बच्चा पहुंच गया। गांव की गलियों में गाय के बछड़े जैसा दिखने वाला जंगली पशु दौड़ता-कूदता नजर आया तो ग्रामीणों में कौतूहल मच गया। देखते ही देखते उसे देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोगों की भीड़ जुटने लगी।
ग्रामीणों ने किसी तरह उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
सूचना मिलते ही 12वीं वाहिनी एसएसबी की ए कंपनी मोहामारी के कंपनी कमांडर सहायक कमांडेंट शिव राम कृष्णन मौके पर पहुंचे और नीलगाय के बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद वन विभाग को मामले की जानकारी दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार, पांचगाछी गांव से सटे नेपाल के बूढ़ी कनकई नदी किनारे स्थित दियारा क्षेत्र में इन दिनों नीलगाय समेत अन्य जंगली जानवर देखे जा रहे हैं। आशंका जताई गई कि रात के समय यह बच्चा अपनी मां से बिछड़कर भटकते हुए भारतीय सीमा में प्रवेश कर गांव तक पहुंच गया।
बाद में वन विभाग के कर्मियों और एसएसबी के जवानों ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नेपाल प्रहरी से समन्वय स्थापित किया।
स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बूढ़ी कनकई नदी पार कर नीलगाय के बच्चे को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
एसएसबी, वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से नीलगाय के बच्चे को सुरक्षित उसके प्राकृतिक परिवेश में पहुंचाने की पहल की गई। इस मानवीय प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है।