संवाददाता: मुरलीधर झा
दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत धनतोला पंचायत के नेपाल सीमा से सटे पांचगाछी गांव में लगातार जंगली जानवरों के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार की अहले सुबह एक बार फिर कथित रूप से तेंदुए ने दो बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दोनों घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक ले जाया गया।
इससे एक दिन पहले गुरुवार की सुबह भी इसी गांव में तेंदुए ने चार महिलाओं पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि पांचगाछी गांव से कुछ दूरी पर नेपाल क्षेत्र में बूढ़ी कनकई नदी के दियारा इलाके में कास की घनी झाड़ियों के बीच पिछले कई दिनों से तेंदुए सहित अन्य जंगली जानवरों को देखा जा रहा है।
कुछ दिन पूर्व मवेशियों को चारा खिलाने गए एक चरवाहे पर भी जंगली जानवर के हमले की बात ग्रामीणों ने बताई है।वहीं, शुक्रवार की सुबह हुए ताजा हमले में अरमानी खातून और उबैदुर रहमान के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक में इलाज कराया गया।
लगातार हो रहे हमलों के बाद पांचगाछी और आसपास के गांवों के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने तथा जंगली जानवरों से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।वही घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम पंचगाछी गांव पहुंची वन प्रमंडल पदाधिकारी चंचल प्रकाशम ने ग्रामीणों से बात की और तेंदुए की खबर से इंकार किया ।उन्होंने कहा कि तेंदुआ नहीं बल्कि CIVET Cat की प्रजाति है ।ग्रामीणों से भयभीत नहीं होने की अपील उनके द्वारा की गई ।वही उन्होंने कहा कि जानवर को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया जा रहा है