मुरलीधर झा/किशनगंज
जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने मंगलवार को दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र के सिंघीमारी पंचायत अंतर्गत कनकई नदी पार स्थित सीमावर्ती गांव पलसा और डाकूपाड़ा का दौरा किया। इस दौरान डीएम ने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर स्थानीय लोगों की समस्याओं को करीब से समझा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

डीएम श्री कुमार ने ट्रैक्टर और नाव के सहारे कनकई नदी को पार किया। नदी पार करने के बाद वे बाइक से पलसा गांव होते हुए सीमावर्ती क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे डाकूपाड़ा गांव तक पहुंचे। अधिकारियों के साथ गांवों का भ्रमण करते हुए उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र में आवागमन, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क तथा बाढ़-कटाव से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।
पलसा घाट पर पुल निर्माण की उठी मांग
ग्रामीणों ने डीएम के समक्ष सबसे प्रमुख समस्या कनकई नदी के पलसा घाट पर पुल निर्माण की रखी। ग्रामीणों का कहना था कि नदी पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में आवागमन काफी कठिन हो जाता है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर आसपास के गांवों का संपर्क भी प्रभावित होता है।

ग्रामीणों ने नदी पार अस्पताल अथवा स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी। उनका कहना था कि आपात स्थिति में मरीजों को नदी पार कर मुख्य क्षेत्र तक ले जाने में काफी परेशानी होती है। समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण विशेषकर बाढ़ के दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बाढ़ और कटाव से बचाव की मांग
हर वर्ष कनकई नदी में आने वाली बाढ़ और उससे होने वाले कटाव की समस्या को लेकर भी ग्रामीणों ने डीएम का ध्यान आकृष्ट कराया। ग्रामीणों ने नदी के कटाव से गांव और कृषि भूमि को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए स्थायी एवं प्रभावी कटावरोधी कार्य कराने की मांग की।
इसके अलावा ग्रामीणों ने क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार, नदी पार स्थित चारों वार्डों में पक्की सड़क एवं पुलिया निर्माण तथा बेहतर आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग भी रखी।
अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे डीएम
भ्रमण के दौरान डीएम ने स्थानीय परिस्थितियों का जायजा लिया और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मौके पर एडीएम अमरेंद्र कुमार पंकज, एसडीएम अनिकेत कुमार, बीडीओ बप्पी ऋषि, सीओ सदानंद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।
डीएम के इस दौरे को सीमावर्ती एवं नदी पार बसे ग्रामीण इलाकों की जमीनी समस्याओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के गांव तक पहुंचने से ग्रामीणों में भी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है।