गया/मनोज कुमार
गया शहर के स्थित जदयू जिला कार्यालय में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान बेलागंज विधायक मनोरमा देवी ने फरक्का (गंगा) जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए इसके नवीनीकरण का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जदयू की ओर से ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से बिहार के लोगों को इस मुद्दे के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मनोरमा देवी ने कहा कि 1996 में भारत-बांग्लादेश के बीच हुई जल संधि से बिहार को नुकसान हो रहा है। पार्टी की मांग है कि संधि का नवीनीकरण नहीं किया जाए। यदि भविष्य में कोई समझौता होता है तो उसमें वर्ष 2050 तक बिहार की जल जरूरतों को ध्यान में रखा जाए।
उन्होंने कहा कि बक्सर से कटिहार तक गंगा किनारे बसे 12 जिले इस समस्या से प्रभावित हैं। अभियान की शुरुआत 5 सितंबर को बक्सर से हुई है और इसका समापन कटिहार में होगा। जदयू नेताओं के अनुसार, फरक्का बराज से गाद की समस्या के कारण बाढ़ और जल संधि के कारण सूखे की स्थिति जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
मनोरमा देवी ने कहा कि बिहार के किसानों की सिंचाई, पेयजल, उद्योग और लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को इस संधि पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा बिहार के लिए सिर्फ नदी नहीं, बल्कि आस्था और जीवन का आधार है।