न्यूज लेमनचूस

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हाउस अरेस्ट – कुमार राहुल

संपादकीय/डेस्क हाउस अरेस्ट यानी नजरबंद एक और लॉकडाउन इसे हाउस अरेस्ट नजरबंद ही तो कहेंगे । इस बार का लॉकडाउन अधिक मानसिक तनाव देने वाला है ।लगभग 4 महीने बंदी झेलने के बाद 15 दिन और यह सोचकर ही रूप कांप जाती है । कोरोनावायरस ने जीवन जीने की शैली को बदल डाला है । … Read more

समस्याओं से मुँह फेर लेना राजनीति में हो सकता है पत्रकारिता में नहीं।।

सुशील आम जनता को किसी मुद्दे पर जागरूक करना हो, या फिर सत्ता में प्राण प्रतिष्ठित मठाधीश को उनके ही क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराना हो… या फिर अफसरशाही की भेंट चढ़े लोक लुभावन योजनाओं की बात हो.. ऐसे में याद आते हैं निडर और बेबाक पत्रकार। जो समस्या को “मैनेज” करने के बजाय उन्हें … Read more

राजनीति बदली,नेता बदले, पर नही बदल सकी बिहार की किस्मत !!

सुशील जिस प्रकार वर्ष में नियमतः चार ऋतुओं का आगमन उनके समयानुसार होता दिखता है, उसी प्रकार बिहार की बदहाली बाढ़ रूपी त्रासदी ठीक साल में अपने समय पर उस कलंक गाथा को लिखने आ जाती है, जिसमे बेघर होते लोग, पनाह माँगते गरीब, भूख से परेशान बच्चे, उजड़ती खेती बाड़ी, नष्ट फसलों और महामारी … Read more

सबका विकास – कुमार राहुल

डेस्क/न्यूज लेमनचूस यह तेरा विकास यह मेरा विकास न जाने किस-किस का विकास । विकास की जरूरत सभी को है पिछले 20 – 25 सालों में न जाने कैसे-कैसे विकास हुए और न जाने कितनों ने किस किस तरह के विकास करवाएं । अक्सर यह बहस छेड़ दी जाती है कि विकास का स्वरूप क्या … Read more

चीन पोषित पत्रकारों और नेताओ को चीन की सरपरस्ती भूल कर सेना के शौर्य को नमन करना चाहिए

राजेश दुबे देश के चीन पोषित पत्रकारों , चीन समर्थित विपक्षी पार्टियों या टुकड़े टुकड़े गैंग को हिंदुस्तान कि सेना के शौर्य और पराक्रम पर भरोसा भले ना हो और लद्दाख के गलवान घाटी में चीन द्वारा किए गए धोखेबाजी के बाद भारतीय सेना और सरकार पर बार बार सवाल खड़े कर रहे हो । … Read more

बिहार : Plurals बन सकता है NDA के लिए मुसीबत

पुष्पम प्रिया चौधरी ने बिहार में लंबी पारी खेलने के दिए संकेत । राजेश दुबे बिहार के राजनैतिक गलियारे में एक नया चेहरा अपनी किस्मत आजमाने के लिए पूरे दम खम के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी  है । पिछले तीन चार महीने से लगातार पहले तो सोशल मीडिया के जरिए और … Read more

नेपाल की खुली सीमा और नाथुला दर्रा स्वदेशी की राह में बन सकता है बड़ा रोड़ा ?

राजेश दुबे कोरोना महामारी के बाद उपजे भारत चीन सीमा पर जारी गतिरोध से देश भर में  स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किया जा रहा है ।केंद्र सरकार से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता चीन से आयातित वस्तुओं के बहिष्कार की बात कर रहे है ।भारत और चीन के बीच हर साल अरबों रुपए … Read more

हाय रे दिलवालो की दिल्ली ?

राजेश दुबे दिल्ली देश की राजधानी है ।कहते है दिल्ली में देश का दिल बसता है और दिल्ली दिलवालो की है ।लेकिन पिछले 70-75 दिनों में इसी दिल्ली ने देश के लाखो नागरिकों का दिल तोड़ने का ऐसा काम किया कि पूरा देश आंसुओ के सैलाब में डूब गया । कोरोना महामारी के दौरान उसी … Read more

सियासी दलों के लिए श्रमिक अभी किसी देवता से कम नहीं ।

राजेश दुबे “आरती लिए तू किसे ढूंढता है मूरख मंदिरों राजप्रासादों और तहखानों में ,देवता कहीं सड़कों पर गिट्टी तोड़ रहे देवता मिलेंगे खेतों में, खलिहानों में “राष्ट्रकवि दिनकर की ये पंक्तियां वर्तमान दौर में बिहार में खूब दिखाई पड़ रही है । साल चुनावी है तो राज्य के नेताओ को यह डर सताने लगा … Read more

डेरेक की पत्नी कैली से सबक ले भारतीय नारियां – आर के सिन्हा

देश /डेस्क अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड के हत्यारे पुलिस अधिकारी डेरेक चौविन की पत्नी कैली उससे तलाक लेने जा रही है। वह नाराज और शर्मिंदा है । वह नहीं चाहती है कि उसे ऐसे धूर्त आदमी की पत्नी कहा जाये जिसने एक अश्वेत की निर्मम हत्या की हो। जरा सोचिए कि कितना ऊँचा जमीर … Read more