दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बुधवार को इंडी गठबंधन के घटक दलों की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस के द्वारा बैलेट पेपर से चुनाव करवाने का प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी,राहुल गांधी, ममता बनर्जी,महबूबा मुफ्ती समेत विभिन्न विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। विपक्षी दलों ने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में नामों के सत्यापन और संभावित बदलावों को लेकर अपनी चिंताएं रखीं।मल्लिका अर्जुन खड़गे ने कहा कि सालों से EVM पर जवाब मांगा जा रहा है लेकिन जवाब नहीं मिल रह है।उन्होंने कहा कि 13 .3 करोड़ से अधिक नाम काटे गए है,हमने वोटर लिस्ट की गड़बड़ी पर सवाल उठाया लेकिन हमारी बातों को अनसुनी कर दिया गया ।
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा ईवीएम और वीवीपैट से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद के भीतर और बाहर संयुक्त रूप से आवाज उठाने की रणनीति पर मंथन किया। बैठक में आगे प्रदर्शन और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
बैठक के जरिए विपक्षी दलों की कोशिश चुनाव से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करने की है। हालांकि, गठबंधन के सभी घटक दल बैठक में शामिल नहीं हुए। डीएमके ने बैठक से दूरी बनाए रखी, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिनिधि के शामिल होने की जानकारी है।