मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक इस्तेमाल की सलाह कृषि योजनाओं की दी जानकारी
कटिहार- किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, विभागीय योजनाओं और टिकाऊ खेती की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर से जिले के सात प्रखंडोंकुरसेला, कटिहार, कोढ़ा, बरारी, कदवा, बलरामपुर एवं मनिहारी में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों से सीधा संवाद कर फसल उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर चर्चा की गई।
कदवा में जिला कृषि पदाधिकारी ने किया शुभारंभ
कदवा में आयोजित किसान गोष्ठी का शुभारंभ जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा, कटिहार राजीव कुमार ने किया।उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करने तथा स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण, कृषि लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि टिकाऊ खेती के महत्वपूर्ण आधार हैं।
गोष्ठी में प्रखंड कृषि पदाधिकारी,कदवा,प्रखंड कृषि पदाधिकारी बीज विश्लेषण, कटिहार तथा संबंधित कृषि समन्वयक मौजूद रहे। एनपीके के संतुलित प्रयोग की दी जानकारीकटिहार प्रखंड में आयोजित गोष्ठी के दौरान उप परियोजना निदेशक आत्मा शशिकांत झा ने किसानों को फसल की जरूरत के अनुसार नत्रजन , स्फुर और पोटाश के संतुलित प्रयोग की जानकारी दी। सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व और अत्यधिक उर्वरक इस्तेमाल से बढ़ने वाली लागत तथा मिट्टी पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों के बारे में भी बताया गया।
किसानों की समस्याओं का किया तकनीकी समाधान
गोष्ठियों में किसानों की समस्याएं और जिज्ञासाएं सुनी गईं तथा फसल उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरक प्रबंधन से जुड़े तकनीकी सुझाव दिए गए। साथ ही विभिन्न कृषि योजनाओं की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देकर किसानों को लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
स्वस्थ मिट्टी, संतुलित पोषण और वैज्ञानिक खेती को समृद्ध किसान की मजबूत नींव बताया गया।