सागर चंद्रा/ किशनगंज
पत्नी और ससुराल वालों के द्वारा शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने से परेशान युवक इंसाफ की गुहार लगाने टाउन थाने पहुंच गया। जहां चकला निवासी मोहम्मद वारिस पिता सरिफुद्दीन के लिखित शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज किया गया। पुलिस ने अग्रतर कार्रवाई के लिए केस को चाकुलिया थाना भेज दिया है।
वहीं पीड़ित वारिस ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2018 में दिघली चाकुलिया निवासी इसरत परवीन पिता अमीरूद्दीन के साथ हुई थी। जिससे उसे दो संतान भी है। वह ई रिक्शा चला कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। इसी दौरान पत्नी इसरत परवीन ने अपने मायके वालों के साथ मिलकर वारिस पर दबाव बना कर उसके हिस्से की पुस्तैनी जमीन को अपने नाम करा लिया और उसे रोजगार के लिए पुणे भेज दिया।
जबकि उसकी अनुपस्थिति में पत्नी ने पोठिया थाना क्षेत्र के कारीगाँव, टीपीझाड़ी निवासी शाहनवाज के साथ अवैध संबंध बना लिया। शाहनवाज ने पत्नी को एक मोबाइल खरीद कर दिया था। जिससे दोनों अक्सर बातें करते थे।आस-पड़ोस के लोगों के द्वारा घटना की जानकारी दिए जाने के बाद वह गत जून माह में घर वापस लौटा। पत्नी से पूछताछ करने पर वह घर से 1.5 लाख रुपये और बच्चों को साथ लेकर शाहनवाज के साथ दिल्ली भाग गई। हालांकि बाद में ससुराल वाले पत्नी को पकड़ कर वापस ले आए और दारूल कजा इदारे शरिया खगड़ा में तलाक का केस कर दिया।
लेकिन वारिस ने जमीन और रुपये वापस करने तक तलाक देने से साफ इंकार कर दिया। इसी बीच पत्नी इसरत परवीन फिर शाहनवाज के साथ भाग गई और छत्तरगाछ में कमरा किराये पर लेकर रहने लगी। गत 18 सितंबर को ससुराल वालों ने वारिस को साजिश रचकर खगड़ा स्थित दारूल कजा इदारे शरिया आने को कहा और रुपये व जमीन के कागजात लौटाने का झांसा दिया।
लेकिन वारिस के पहुंचते ही सभी तलाक के कागजात पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगे। वारिस के द्वारा रुपये और जमीन के कागजात मांगने पर उसके साथ मारपीट की गई और अपहरण करने की कोशिश भी की गई। लेकिन वारिस के एक साथी ने उसे बचा लिया।