कोरोना : माटी का संसार है खेल सके तो खेल, बाजी रब के हाथ है पूरा विज्ञान फेल,
अतिथि संपादक /श्री प्रवीण गोविंद माना कि यदि पेट पहले ही चिंता से भरा हो, तो भूख के लिए उसमें जगह नहीं बचती। लेकिन भूख तो आखिर भूख है। वह लगती ही है, आखिर चिंता के कारण उसे आप कब तक मार सकते, कब तक पानी के सहारे जी सकते। भूख के लिए रोटी-भात चाहिए, … Read more