निशांत चटर्जी /बहादुरगंज/किशनगंज
नगर पंचायत बहादुरगंज अंतर्गत वार्ड संख्या 05 में निर्मित पीसीसी सड़क की जांच और गुणवत्ता को लेकर उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि और सड़क निर्माण करने वाले संवेदक के बीच उपजा विवाद बुधवार की देर शाम हिंसक झड़प में बदल गया। जहाँ इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहादुरगंज थाना में अलग-अलग आवेदन देकर एक दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ कर दिया है।
वहीँ मामले मे उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि वसीम आलम ने अपने आवेदन मे कहा की बुधवार को दोपहर करीब 02 बजे वे कनीय अभियंता अरविंद कुमार के साथ, कार्यपालक पदाधिकारी बहादुरगंज अमित कुमार से मिलकर वार्ड 05 की पीसीसी सड़क का मुआयना करने जा रहे थे।जहाँ जे.ई. को अपनी गाड़ी में बैठाकर जब वे बिरनियां पहुंचे, तो पहले से घात लगाए हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया एवं मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया।
आवेदन में मुख्य पार्षद पति अर्सलान हुसैनी, सबील, असद, अजीजुर रहमान, अरशद रहमान समेत अन्य अज्ञात लोगों पर जानलेवा हमला करने का आरोप भी उनके द्वारा लगाया गया है।जहाँ प्रार्थी का कहना है कि आरोपीगण नगर पंचायत में योजनाओं के नाम पर लूट-खसोट और अनियमितता करना चाहते हैं तथा सरकारी कार्य व जांच में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
वहीँ मामले मे संवेदक अजीजुर रहमान ने अपने आवेदन में दूसरा पहलू रखते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने नगर पंचायत बहादुरगंज के जे.ई. द्वारा दिए गए कार्य (पी एम जी एस वाई रोड से कलवर्ट वार्ड नं -05) को पूरा किया था। काम पूरा होने के बाद जब वे नव-निर्मित सड़क पर पानी का छिड़काव करवा रहे थे, तब वसीम आलम वहां पहुंचे और कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए खुलेआम रंगदारी की मांग करने लगे।
संवेदक का आरोप है कि विरोध करने पर वसीम आलम ने उनके साथ गाली-गलौज की, थप्पड़ मारा और धमकी दी कि यदि नगर पंचायत में बतौर संवेदक काम करना है तो उन्हें रंगदारी देनी होगी। साथ ही, झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
वहीँ मामले मे थाना अध्यक्ष बहादुरगंज सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों के द्वारा दिए गए लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस के द्वारा सुसंगत धाराओं में कांड दर्ज कर कांड का अनुसंधान प्रारंभ कर दिया गया है।