डीएम के निर्देश पर डीआरडीए निदेशक के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम, रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंपी जाएगी।
टेढ़ागाछ/विजय कुमार साह
प्रखंड क्षेत्र के चिल्हनियां पंचायत में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायत पर मंगलवार को जांच टीम ने विभिन्न वार्डों में पहुंचकर योजनाओं की जांच की। यह शिकायत चिल्हनियां पंचायत के सरपंच कैलाश बोसाक ने किशनगंज के जिला पदाधिकारी नवीन कुमार को आवेदन देकर की थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई थी।जांच टीम में डीआरडीए निदेशक शशिम सौरभ मणि, मनरेगा के तकनीकी सहायक (पीटीए) प्रहलाद कुमार तथा कनीय अभियंता राहुल कुमार शामिल थे। टीम ने चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या 1, 4, 11 और 15 में पहुंचकर मनरेगा योजनाओं से संबंधित कार्यों की जांच की।
शिकायतकर्ता सरपंच कैलाश बोसाक ने आरोप लगाया कि पंचायत में मुखिया के सहयोगी की ओर से विभिन्न योजनाओं के कार्यों में सहयोग किया जाता है। उन्होंने पंचायत में संचालित मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता की आशंका जताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की थी। इसी शिकायत के आधार पर जिला पदाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए।जांच के दौरान संबंधित वार्डों में मनरेगा योजनाओं से जुड़े कार्यस्थलों पर योजना बोर्ड नहीं लगे होने की बात सामने आई।
डीआरडीए निदेशक शशिम सौरभ मणि ने बताया कि जांच टीम ने पंचायत के वार्ड संख्या 1, 4, 11 और 15 में योजनाओं की जांच की है। जांच के दौरान किसी भी संबंधित योजना स्थल पर योजना बोर्ड नहीं लगा हुआ पाया गया।उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार को सौंपी जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्यस्थलों पर योजना से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में जांच के दौरान योजना बोर्ड नहीं मिलने का मामला सामने आने के बाद अब जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हैं।