वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने की ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कोचाधामन: महागठबंधन की ओर से बुधवार को बिहार के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड मुख्यालय में पूर्व विधायक मुजाहिद आलम के नेतृत्व में पुतला दहन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महागठबंधन कार्यकर्ता मौजूद रहे और केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।

कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है, लेकिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे भाजपा की ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ बना दिया है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के माध्यम से बिहार और पश्चिम बंगाल में वोटों की चोरी कर सरकार बनाने का काम किया गया है। उन्होंने मांग की कि ऐसी सरकारों को बर्खास्त कर दोबारा चुनाव कराया जाना चाहिए। मुजाहिद आलम ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयुक्त बलविंदर सिंह संधू एवं विवेक जोशी से पर्याप्त विचार-विमर्श किए बिना एकतरफा निर्णय लिया।
पुतला दहन कार्यक्रम में कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष फैजान, जिला पार्षद प्रतिनिधि कैसर राही, पूर्व जिला पार्षद प्रत्याशी फराग आलम, बिशनपुर पैक्स अध्यक्ष निसार कौसर उर्फ राजा, समाजसेवी बाबर आलम, पंचायत समिति सदस्य शाद आलम, पंचायत समिति प्रतिनिधि सज्जाद आलम, पंचायत समिति सदस्य मिंटू, वार्ड सदस्य मोफीज आलम राही, वार्ड सदस्य नूर बाबू, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आफाक आलम, समाजसेवी मुनाजिर आलम, अकमल येजदानी, शेर अली सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।