सागर चंद्रा/ किशनगंज
कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी संतोष कुमार ने दो पुलिस पदाधिकारी को निलंबित कर दिया है। जब दो अन्य पुलिस पदाधिकारी से अनुशासनिक कार्रवाई के विरूद्ध स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एसपी ने कोचाधामन थाने में तैनात एस आई अरूण कुमार और पौआखाली थाने के अपर थानाध्यक्ष एस आई धनंजय कुमार सिंह को अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता, मनमानेपन के साथ साथ वरीय पदाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित कर दिया है।
जबकि गत 3 सितंबर को क्षेत्र भ्रमण के दौरान छतरगाछ कैम्प के औचक निरीक्षण के क्रम में पायी गयी लापरवाही के आरोप में कैंप प्रभारी एस आई कुन्दन कुमार और पीटीसी कृष्णलाल देव से विभागीय कार्यवाही के विरूद्ध स्पष्टीकरण मांगा गया है।
दरअसल एसपी ने गत 30 सितंबर को कोचाधामन थाना का निरीक्षण किया था। इस दौरान कांड संख्या 445/26 की समीक्षा के दौरान अनुसंधान में काफी त्रुटि पाया गया था। एस आई अरूण कुमार के द्वारा किये गये अनुसंधान को असंतोषजनक पाते हुए एसपी ने उन्हें कर्तव्यहीनता, मनमानेपन और वरीय पदाधिकारी के आदेश का उल्लंघन, अनुशासनहीनता एवं अयोग्य पुलिस पदाधिकारी होने के आरोप में तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित किर दिया और विभागीय जांच के विरूद्ध उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी है।
इसके साथ ही गत 1 अक्टूबर को पौआखाली थाना का औचक निरीक्षण के क्रम में थाना के ओडी पदाधिकारी अपने कर्तव्य पर उपस्थित नहीं पाये गये थे। एसपी ने इसकी जांच ठाकुरगंज सर्किल इंस्पेक्टर से कराई।
सर्किल इंस्पेक्टर के द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के आधार पर अपर थानाध्यक्ष एस आई धनंजय कुमार सिंह को कर्तव्यहीनता, मनमानेपन एवं वरीय पदाधिकारी के आदेशों के उल्लंघन, अनुशासनहीनता एवं एक अयोग्य पुलिस पदाधिकारी होने के आरोप में तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच के विरूद्ध उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी है।
जबकि गत 3 अक्टूबर को एसपी ने छत्तरगाछ कैम्प का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कैंप में फरियादी से मिलने या ड्युटी पर तैनात कोई भी पुलिस पदाधिकारी वर्दी में नहीं था। कैंप प्रभारी एस आई कुन्दन कुमार और पीटीसी कृष्णलाल देव को भी ड्यूटी से अनुपस्थित पाया गया था। दोनों पदाधिकारी को सादे लिवास में इधर-उधर घूमते हुए पाया गया था। नतीजतन दोनों पदाधिकारी से कर्तत्व के प्रति लापरवाही के लिये दो दिनों के भीतर विभागीय कार्यवाही के विरूद्ध स्पष्टीकरण की मांग की गयी है।
एसपी ने बताया कि कर्तव्य के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा भ्रष्ट आचरण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी पदाधिकारी/कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।