निसार अहमद /बहादुरगंज, किशनगंज
स्थानीय मार्केटिंग यार्ड परिसर में रविवार को बिहार राज्य आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका संघ के बैनर तले प्रखंड स्तरीय विशाल बैठक आयोजित की गई। प्रखंड अध्यक्ष अलबेला बेगम की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रखंड क्षेत्र की सैकड़ों सेविका एवं सहायिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान लंबित मांगों को लेकर कर्मियों ने आवाज बुलंद की और सरकार की कथित उपेक्षा पर नाराजगी जताई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष अलबेला बेगम ने कहा कि आंगनवाड़ी सेविका-सहायिकाएं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा चुनाव ड्यूटी, सर्वे और अन्य सरकारी कार्यों में भी उनकी सेवाएं ली जाती हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि सेविका एवं सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक सेविकाओं को 25 हजार और सहायिकाओं को 18 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम मानदेय दिया जाए। साथ ही बीएलओ ड्यूटी, सर्वे सहित अतिरिक्त सरकारी कार्यों के लिए अलग से सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए।
बैठक में सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों के लिए मासिक पेंशन और एकमुश्त ग्रेच्युटी की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।
अलबेला बेगम ने कहा कि सरकार यदि संघ की तीन सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को प्रखंड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संघ अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता भी अपनाएगा। बैठक में मौजूद सेविका-सहायिकाओं ने मांगों के समर्थन में एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।