धर्मकांटा चौक से सियालडांगा चौक के बीच लगातार हो रहे हादसे, दो साल में दर्जनों लोगों की जा चुकी है जान
मुर्तुजा/ठाकुरगंज
राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई पर धर्मकांटा चौक से सियालडांगा चौक के बीच का करीब तीन किलोमीटर हिस्सा इन दिनों मौत का डेंजर जोन बनता जा रहा है। आए दिन हो रहे सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान इस सड़क पर दर्जनों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं। बुधवार की रात हुआ हादसा नगर पंचायत क्षेत्र के लिए काली रात साबित हुआ, जब बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई।
बुधवार रात करीब 10 बजे एनएच-327ई पर धर्मकांटा और पीकू पब्लिक स्कूल के बीच तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में नगर पंचायत के वार्ड संख्या-5, क्लब फील्ड निवासी दीप कुंडू (22) और शिवम (18) की मौत हो गई। दोनों युवक निजी काम से बाइक से चुरली की ओर जा रहे थे।
परिजनों के अनुसार, तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक सड़क पर अलग-अलग दिशाओं में जा गिरे। सिर और शरीर में गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
राहगीरों की सूचना पर कुर्लीकोट पुलिस और परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों शवों को ठाकुरगंज अस्पताल लाया गया। ठाकुरगंज और कुर्लीकोट पुलिस के सहयोग से शिवम के शव को पोस्टमार्टम के लिए किशनगंज भेजा गया। वहीं, दीप के परिजनों ने लिखित रूप से पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है।
पुलिस कर रही जांच
कुर्लीकोट थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया गया है। पुलिस हादसे के हर पहलू की जांच कर रही है और अज्ञात वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
ट्रकों की अवैध पार्किंग से भी बढ़ रहा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि धर्मकांटा चौक से सियालडांगा चौक के बीच आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। शाम होते ही सड़क किनारे बड़े-बड़े ट्रकों की बेतरतीब पार्किंग से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। लोगों ने प्रशासन से वाहनों की गति नियंत्रित कराने और सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर रोक लगाने की मांग की है। दो युवकों की मौत के बाद पूरे नगर पंचायत क्षेत्र में मातम पसरा है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।