बरसात में बढ़ जाता है नदी का जलस्तर, छात्र-छात्राओं समेत हजारों लोगों को होती है परेशानी।
टेढ़ागाछ/विजय कुमार साह
प्रखंड क्षेत्र के हवाकोल पंचायत अंतर्गत खुरखुरिया रेतुआ नदी घाट पर बरसात के दिनों में लोगों को जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। नदी पर स्थायी आरसीसी पुल नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाव सेवा से फिलहाल आवागमन में कुछ राहत मिल रही है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि खुरखुरिया रेतुआ नदी पर स्थायी आरसीसी पुल का निर्माण क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग है। जदयू पंचायत अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद मंडल एवं पंचायत समिति सदस्य सोनावती देवी ने बताया कि पूर्व में आयोजित ‘प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम के दौरान उच्च माध्यमिक विद्यालय कुवाड़ी में तत्कालीन जिला पदाधिकारी अनिमेष पराशर को पुल निर्माण की मांग को लेकर आवेदन सौंपा गया था।
इसके बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है।जनप्रतिनिधियों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता है। इसका सीधा असर छात्र-छात्राओं, किसानों, महिलाओं, मरीजों और दैनिक मजदूरों पर पड़ता है। आपात स्थिति में मरीजों को भी नाव के सहारे नदी पार कराना पड़ता है, जिससे लोगों को परेशानी के साथ सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की बड़ी आबादी लंबे समय से नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रही है। स्थायी आरसीसी पुल बनने से हवाकोल पंचायत सहित आसपास के कई गांवों के हजारों लोगों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नवपदस्थ जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से खुरखुरिया रेतुआ नदी पर आरसीसी पुल निर्माण की दिशा में आवश्यक पहल करते हुए शीघ्र स्वीकृति दिलाने की मांग की है।