किशनगंज/प्रतिनिधि
किशनगंज स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के मत्स्य पालन महाविद्यालय में 15 और 16 सितंबर को जलीय कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप्स और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण दो-दिवसीय उद्यमिता अभिविन्यास कार्यक्रम “एक्वा युवा” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से मत्स्य पालन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया था और इसका मुख्य विषय “एक्वाकल्चर उपक्रमों के लिए सीड फंड और अनुदान अवसर” था।

उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), हैदराबाद के फ्लैगशिप प्रोग्राम “मैनेज-फिशब” द्वारा आयोजित किया गया था, जिसे बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के सहयोग से संपन्न किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य संरक्षक और बी.ए.एस.यू., पटना के कुलपति डॉ. इंदरजीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। उनके साथ कॉलेज ऑफ फिशरीज, किशनगंज के डीन और इस कार्यक्रम के संरक्षक, डॉ. वेद प्रकाश सैनी भी उपस्थित थे। अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. सैनी ने जलीय कृषि में नवाचार और युवाओं को सरकारी अनुदानों व सीड फंडिंग के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इन-चार्ज प्रो. देव आनंद पटेल, किशनगंज के जिला समन्वयक, स्टार्टअप मो. माहिन रजा और जिला मत्स्य पदाधिकारी मनोज कुमार उपस्थित थे।
वक्ताओं ने छात्रों को विस्तृत जानकारी दी कि वे कैसे अपने अभिनव विचारों को वास्तविक व्यवसायों में बदल सकते हैं, केंद्र व राज्य सरकार की कौन-कौन सी अनुदान योजनाएं उपलब्ध हैं और ‘सीड फंड’ प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है।
इस दो-दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में “मैनेज” हैदराबाद के प्रमुख आयोजक सदस्यों—निदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. सरवनन राज, इनोवेशन स्केलिंग विशेषज्ञ डॉ. एस. राहल्या, इनोवेशन रिसर्च फेलो डॉ. निवेधा सी. के. और बिजनेस एक्जीक्यूटिव डॉ. आर. नागन्ना—ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने छात्रों को पिचिंग करने और व्यावसायिक प्रस्ताव तैयार करने के व्यावहारिक टिप्स दिए।
मत्स्य पालन महाविद्यालय, किशनगंज के सहायक प्राध्यापक भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहे, जिनमें श्रीमती मधु कुमारी, डॉ. पुष्पा कुमारी, डॉ. नरेंद्र कुमार वर्मा, डॉ. तापस पॉल, डॉ. तेनजी पेम भूटिया, सुश्री सबा नबी और डॉ. रूपम सामंता शामिल थे।
स्थानीय उद्यमी और प्रगतिशील मत्स्य पालकों—शाहीक अंजुम और ई. मुजफ्फर कलाम सबा—ने भी छात्रों के साथ अपने व्यावहारिक अनुभव और चुनौतियां साझा कीं, जिससे छात्र बहुत प्रेरित हुए।
कार्यक्रम के समापन पर डीन डॉ. वेद प्रकाश सैनी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और विश्वास व्यक्त किया कि “एक्वा युवा” पहल किशनगंज और बिहार के अन्य हिस्सों में मत्स्य पालन क्षेत्र में एक नई लहर पैदा करेगी, जहां युवा नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी प्रदाता बनेंगे।