पटना :राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अनियमितता और लापरवाही के मामलों में नौ अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल की ओर से विभिन्न मामलों में आरोप पत्र, अनुशासनिक कार्रवाई, पेंशन कटौती और अभियोजन स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पत्र के अनुसार दरभंगा सदर के तत्कालीन अंचलाधिकारी अरुण कुमार सक्सेना पर गैरमजरुआ खास भूमि की रैयती जमाबंदी कायम करने का आरोप है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वहीं मणि कुमार वर्मा पर तत्कालीन अंचलाधिकारी बंजरिया,पूर्वी चंपारण पर डिजिटल लॉगिन डोंगल का कथित अवैध इस्तेमाल कर दाखिल-खारिज के मामलों का निपटारा करने का आरोप है। उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है।
जबकि तत्कालीन अंचलाधिकारी बेलछी पियुष मिश्रा के मामले में बेलछी अंचल कार्यालय के खाते से निकासी को लेकर आरोप पत्र गठित किया गया है। अमोद कुमार के खिलाफ गलत पारिवारिक सूची के आधार पर दाखिल-खारिज की अनुशंसा करने के मामले में दंडात्मक कार्रवाई की गई है। एक मामले में उनकी 10 प्रतिशत पेंशन पांच वर्षों तक काटने तथा दूसरे मामले में 15 प्रतिशत पेंशन पांच वर्षों तक काटने का आदेश दिया गया है।
इसी तरह मयंक आशुतोष आनन्द के खिलाफ अर्जनाधीन भूमि के सत्यापन प्रतिवेदन में विसंगति के मामले में अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश दिया गया है। चंदन कुमार पर ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करने में कथित फर्जीवाड़े का आरोप है और उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है।
आलोक कुमार पर निरीक्षण संबंधी ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं करने का आरोप है। उनके खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश दिया गया है। वहीं विजय कुमार सिंह निगरानी थाना कांड संख्या 07/2026 में प्राथमिक अभियुक्त बताए गए हैं। उनके खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
विभाग की इस कार्रवाई से राजस्व कार्यों में अनियमितता और लापरवाही के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्ती का संदेश गया है।