कविता : देव और दानव बच न सके !
मधुबाला मौर्या तुमको है अभिमान दशाननभगवती हर के लाये होप्राण पखेरू उड़ जायेंगेदर्शन होंगे जब रघुवर के, तुमको है अभिमान दुशाशनकेश खींच के लाये होप्राण पखेरू उड़ जायेंगेदर्शन होंगे जब मुरलीधर के, कहे कवयित्री मधुबालानारी का सम्मान करोदेव और दानव बच न सकेयहाँ विष्णु भी पाषाण हु ll Post Visitor Views: 3