पटना :बिहार सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। गृह विभाग की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी नई अधिसूचना के तहत अब बिहार सरकार की पूर्व सहमति के बिना CBI राज्य सरकार के अधीन आने वाले कई मामलों की जांच नहीं कर सकेगी।

अधिसूचना के अनुसार, बिहार सरकार के अधीन नियुक्त लोक सेवकों से जुड़े मामलों में CBI जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति अनिवार्य होगी। इसके अलावा बिहार सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली निगम, कंपनी, बैंक अथवा संस्थान से संबंधित मामलों में भी CBI को जांच के लिए पहले राज्य सरकार से सहमति लेनी होगी।
इसी तरह बिहार सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त संस्थानों के कार्यों से जुड़े मामलों में भी पूर्व अनुमति के बिना CBI जांच नहीं की जा सकेगी। प्रत्येक मामले में राज्य सरकार अलग से निर्णय लेकर CBI को जांच की शक्ति प्रदान करेगी।
अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न कानूनों के तहत आने वाले अपराधों का उल्लेख किया गया है।
सरकार के इस फैसले को बिहार में CBI जांच के अधिकार और राज्य सरकार की भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका प्रशासनिक के साथ-साथ सियासी असर भी देखने को मिल सकता है।