रिपोर्ट :मनोज कुमार
जन सुराज के संस्थापक एवं विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति को लेकर सरकारों पर तीखा हमला बोला। शिक्षक समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या स्कूली शिक्षा का लगातार कमजोर होना है। यदि शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा।

प्रशांत किशोर ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके दादा मजदूरी और बैलगाड़ी चलाने का काम करते थे। परिवार ने मिलकर उनके पिता को पढ़ाया और शिक्षा की बदौलत आज परिवार में बड़ी संख्या में आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर और डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि यही शिक्षा की ताकत है और बिहार को बदलने का सबसे प्रभावी रास्ता भी शिक्षा ही है।
नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि इतिहास जब उनके शासन का मूल्यांकन करेगा, तो बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था उसका सबसे बड़ा अध्याय होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से शिक्षक समान वेतनमान समेत अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारों ने उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया।

शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपको नीतीश कुमार ने ठगा, सुशील कुमार मोदी ने ठगा, तेजस्वी यादव ने ठगा—अब मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए।” उन्होंने कहा कि बिहार में छह लाख से अधिक शिक्षक हैं, फिर भी सरकारें उनकी बात क्यों नहीं मानतीं, यह बड़ा सवाल है।
प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से जाति और दल से ऊपर उठकर अपने पेशे और भविष्य के मुद्दों पर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाना, शिक्षकों को सम्मानजनक स्थान दिलाना और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। उन्होंने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्व स्तर पर सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।