गांधी घाट पर गंगा ने पार किया उच्चतम बाढ़ स्तर, 28 लाख से अधिक आबादी प्रभावित; 200 से ज्यादा सड़कें डूबीं
पटना:बिहार में गंगा समेत प्रमुख नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का संकट गहरा गया है। पटना के गांधी घाट पर शनिवार को गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर गया। महज चार घंटे में नदी के जलस्तर में करीब 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। इससे पटना समेत गंगा के तटवर्ती जिलों के निचले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है।
राज्य में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियां उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने से पटना, भागलपुर, मुंगेर, वैशाली, भोजपुर, बेगूसराय, बक्सर, खगड़िया समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। भागलपुर के शहरी और दियारा इलाकों में भी पानी फैलने की सूचना है।
रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ और जलजमाव से करीब 28 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 200 से अधिक सड़कें पानी में डूबने से कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है, जबकि बड़ी संख्या में स्कूल भी बंद किए गए हैं। खेतों में पानी फैलने से फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
दियारा क्षेत्रों में बढ़ी मुश्किल
गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सबसे अधिक असर दियारा और निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। मुंगेर और भागलपुर में कई गांवों के आसपास पानी फैल गया है। ग्रामीणों को मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे पहले बेगूसराय और भागलपुर में तटबंधों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई थीं।
33 बचाव दल और 700 नावें तैनात
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की छह और एसडीआरएफ की 27 टीमें, यानी कुल 33 बचाव दल तैनात किए गए हैं। करीब 700 सरकारी नावों को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। प्रभावित जिलों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता और प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे भी सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने बिहार के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नदियों के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका से प्रशासन अलर्ट मोड में है। गंगा के साथ अन्य नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से प्रशासन ने सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।