किशनगंज में 87 हजार हेक्टेयर में होगी मक्के की खेती, किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर जोर
किशनगंज: रबी मौसम में फसलों के निर्धारित आच्छादन लक्ष्य को पूरा करने और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को समाहरणालय में उनकी अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। इसमें कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि जिले के अधिकांश क्षेत्रों में रबी मौसम के दौरान मक्के की खेती की जाती है। इस वर्ष जिले में 87 हजार हेक्टेयर भूमि में मक्का फसल के आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा दलहन एवं तिलहन फसलों का क्षेत्र विस्तार करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन तथा दलहन में आत्मनिर्भरता योजना संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराने, फसलों का प्रत्यक्षण कराने और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का प्रावधान है।
जिलाधिकारी ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित गांवों में प्राथमिकता के आधार पर कृषि प्रत्यक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को विभागीय योजनाओं के माध्यम से अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराने के साथ पंजीकृत विक्रेताओं के जरिए गुणवत्तापूर्ण बीज की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि रबी फसलों के निर्धारित लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
बीज की उपलब्धता एवं गुणवत्ता को लेकर डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि किसानों को सभी फसलों के बीज निर्धारित दर पर उपलब्ध हों। इसके लिए बीज निरीक्षकों के माध्यम से बीज दुकानों की नियमित जांच और छापेमारी कराई जाए। वहीं, प्रत्यक्षण के लिए चयनित खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्रित कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का निर्देश सहायक निदेशक, रसायन को दिया गया।
खाद की कालाबाजारी पर होगी सख्ती
उर्वरक की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने फसल आच्छादन के अनुपात में जिले के सभी प्रखंडों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उर्वरक की तस्करी, कालाबाजारी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए छापेमारी अभियान चलाने तथा सभी उर्वरक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही उड़नदस्ता दल गठित कर नकली एवं मिलावटी उर्वरक के भंडारण, परिचालन और परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया।
डीएम ने किसानों को नकली खाद की पहचान और उससे होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। खेत बचाओ एवं किसान चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले नुकसान की जानकारी देने तथा प्राकृतिक एवं पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने का निर्देश दिया।
पराली जलाने के खिलाफ चलेगा जागरूकता अभियान
पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उद्देश्य से किसानों को खेतों में पराली नहीं जलाने के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं में अपेक्षित प्रगति लाने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रभात कुमार, सहायक निदेशक (शस्य) एवं बीज उत्पादन-सह-विपणन पदाधिकारी शशिकला शशि, जिला उद्यान पदाधिकारी सहित कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।