किशनगंज/सागर चंद्रा
सीमांचल में फिनसपोर्ट माइक्रो फाउंडेशन कंपनी के नाम पर सैकड़ों लोगों से लाखों रूपये की ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह के मुख्य सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वैशाली पुलिस और एसटीएफ के सहयोग से काजीपुर थाना क्षेत्र के भतनडीह गांव में छापेमारी कर आरोपी राजू कुमार (33) पिता अशोक कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से ठगी के 50 हजार रूपये के साथ साथ लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
दरअसल गत 8 मई को भीमबालिस चौक निवासी लक्ष्मी देवी पति राज कुमार ने ठाकुरगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप था कि फिनसपोर्ट माइक्रो फाउंडेशन कंपनी के ऐजेंट गांव में आकर प्रचार किया कि कम्पनी के द्वारा चार-चार लोगों का समूह बनाकर लोन कार्ड बनाने पर प्रत्येक व्यक्ति को 60 हजार का लोन दिया जायेगा। जिससे इलाके के कई लोग कंपनी के झांसे में आ गए।
कार्यालय जाने पर लोगों से लोन कार्ड का फार्म भराया गया और बोला गया कि कम्पनी के तरफ से घरेलू समान जैसे आयरन, हॉट-पॉट, सिलाई मशीन, मिक्सर ग्राइंडर मशीन में से कोई एक समान खरीदना पड़ेगा। जिसकी कीमत चार हजार से सात हजार रूपया है। गत 4 मई को सभी लोगों को रुपये लेकर ठाकुरगंज जिलेबिया मोड़ स्थित कार्यालय में बुलाया गया।
जहां लगभग दो सौ महिलाओं से किसी से चार हजार किसी से सात हजार रूपया जमा कराया गया। कंपनी के तरफ से बोला गया कि दिनांक 8 मई को सभी लोन कार्डधारी का समान उनके घर पर पहुंच जायेगा। इसके बाद कंपनी के द्वारा सभी को 60 हजार रूपया का लोन आसान ईएमआई पर दिया जायेगा। लेकिन जब समान घर नहीं पहुंचा तो रुपये जमा करने वाले सभी लोग कंपनी के कार्यालय पहुंचे। लेकिन उन्हें कार्यालय में ताला जड़ा पाया। कंपनी के सभी कर्मी भी फरार हो गया था। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़िता के लिखित शिकायत पर ठाकुरगंज थाने में कांड संख्या 148/26 दर्ज किया गया।
मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी संतोष कुमार ने मामले के उद्भेदन के लिए एक टीम का गठन किया। टीम के द्वारा कई जिला में जाकर तकनीकी आसूचना एवं साक्ष्य संकलन किया गया और फर्जी कंपनी बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के अपराधियों की पहचान की गयी। अनुसंधान के क्रम में फिनसपोर्ट माइक्रो फाउंडेशन कंपनी को फर्जी पाया गया।
एसपी ने मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ टू मनोज कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम ने वैशाली पुलिस के सहयोग से कांड के अप्राथमकी अभियुक्त राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ के क्रम में बताया गया कि इसके गिरोह में बिहार के कई जिला के दर्जनों अपराधी शामिल है। किशनगंज जिला के ठाकुरगंज और पोठिया के कार्यालय में आठ अपराधी ठगी में शामिल थे।
जो कार्यालय के ब्रांच मैनेजर, असिसटेंट ब्रांच मैनेजर, फील्ड स्टाफ के पद पर कार्य कर रहे थे। इस फर्जी कंपनी के नाम पर ठगी करने वाला एक मुख्य सरगना भी इसमें शामिल है जो सोशल मीडिया में कम्पनी में नौकरी करने के लिये विज्ञापन देकर ऑनलाईन साक्षात्कार के माध्यम से अपने गिरोह में भर्ती करता है और फिर प्रशिक्षण देकर अपने ठगी करने वाला गिरोह में शामिल कर लेता है।
पुराने कर्मी के साथ प्रशिक्षण दिलाकर अलग-अलग जिला के ग्रामीण क्षेत्र में गैंग के सदस्य को भेजकर एक कार्यालय खोला जाता है और ग्रामीण इलाकों में घूम-घूम कर लोगों से कम्पनी के तरफ से समूह बनाकर 60 हजार का लोन देने का प्रचार-प्रसार करता है। फिर एक दिन सभी को कार्यालय में बुलाकर समान और लोन देने के नाम पर पैसा ठगी करके कार्यालय एवं अपना मोबाइल बंद करके भाग जाता है। एसपी ने बताया कि इस कांड में संलिप्त अन्य सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये लगातार छापामारी की जा रही है।