भू-अर्जन परियोजनाओं में तेजी लाने का डीएम ने दिया निर्देश, मुआवजा भुगतान के लिए लगेगा कैंप
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के गजट का हुआ प्रकाशन, दावा-आपत्ति के लिए रैयतों को निर्धारित समय सीमा में देना होगा आवेदन
किशनगंज:जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने और रैयतों को मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला भू-अर्जन विभाग के पदाधिकारियों के साथ संबंधित अधियाची विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लंबित भू-अर्जन कार्यों, मुआवजा भुगतान और आगामी परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान डीएम ने भारतमाला परियोजना के तहत मेजर डिस्ट्रिक्ट ग्रीनफील्ड, एसएच-99, बहादुरगंज-टेढ़ागाछ सड़क चौड़ीकरण, अररिया-गलगलिया गाइड बांध, न्यू बीजी रेल लाइन, अभयपुर घाट, असुरा एवं निशंद्रा घाट तथा तैयबपुर आरसीसी पुल निर्माण सहित विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अंचलाधिकारियों को लंबित मामलों में एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र) उपलब्ध कराने और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में नई परियोजना गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि परियोजना से संबंधित गजट राजपत्र एवं समाचार पत्रों में प्रकाशन किया जा चुका है। इसकी प्रति जिला एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ ही संबंधित गांवों और अंचलों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश अंचलाधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रभावित रैयत निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
वहीं, किशनगंज हवाई अड्डे के रनवे विस्तारीकरण के लिए अधिग्रहित भूमि का अवार्ड तैयार कर नोटिस निर्गत किया जा चुका है। इस कार्य में तेजी लाने के लिए डीएम ने किशनगंज अंचलाधिकारी को विशेष कैंप लगाकर रैयतों का एलपीसी बनाने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित रैयतों से अपने संपूर्ण भूमि संबंधी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर एलपीसी बनवाने और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई।
इसके अलावा आगामी पांच रोड ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण, कोसी-मेची लिंक नहर परियोजना एवं सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के लिए खेसरा पंजी शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारियों को दिया गया।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित सभी अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।