गयाजी/मनोज कुमार
पितृपक्ष महासंगम 2026 को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए शनिवार को गयाजी में जन-जागरूकता का संदेश दिया गया। विष्णुपद मंदिर परिसर से निकली स्वच्छता एवं जागरूकता रैली में जिला पदाधिकारी शशांक शुभांकर, मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, वार्ड पार्षद समेत जनप्रतिनिधियों ने हाथों में झाड़ू थामकर सड़क पर सफाई की।
इस दौरान लोगों से पितृपक्ष के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और नगर निगम के अभियान में सहयोग करने की अपील की गई।
रैली को जिला पदाधिकारी, मेयर व नगर आयुक्त, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, वार्ड पार्षद, पंडा समाज के प्रतिनिधि अमरनाथ धोकड़ी, मणिलाल बारीक, नगर निगम के पदाधिकारी-कर्मी शामिल हुए।
जनप्रतिनिधियों और नगर निगम के अधिकारियों ने खुद सड़क पर उतरकर सफाई कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। रैली के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि पितृपक्ष के दौरान मेला क्षेत्र में कचरा सड़क या खुले स्थान पर नहीं फेंकें और निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालें। नगर निगम ने पूरे पितृपक्ष मेला क्षेत्र को नो प्लास्टिक जोन घोषित किया है। साथ ही मेला क्षेत्र में नशे के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
उस दौरान मेयर गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष महासंगम गयाजी की पहचान और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। श्रद्धालुओं को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। आम नागरिकों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की।सशक्त स्थायी समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पितृपक्ष महासंगम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, नगर निगम के जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मी खुद सड़क पर उतरकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं। जनभागीदारी से ही स्वच्छता अभियान को पूरी तरह सफल बनाया जा सकता है।