बरारी /कटिहार- प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच शनिवार को राहत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार और स्थानीय विधायक विजय सिंह को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। पीड़ितों का आरोप था कि जनप्रतिनिधि जलमग्न गांवों के अंदर जाकर लोगों की परेशानी देखने के बजाय भवानीपुर-कुंडी मुख्य सड़क से ही बाढ़ की स्थिति देखकर लौट रहे हैं।
मंत्री और विधायक के सड़क से लौटने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और काफिले का घेराव कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मंत्री, विधायक और सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध बढ़ने पर जनप्रतिनिधियों का काफिला मुख्य सड़क छोड़कर तटबंध के रास्ते काढ़ागोला की ओर निकल गया। प्रदर्शन कर रहे पंकज राम, कृष्णा कुमार, शिव कुमार, गीता देवी और जिम्मी देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि गांवों में लोग बाढ़ के पानी से घिरे हैं और कई परिवार ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। इसके बावजूद जरूरतमंदों को पॉलीथिन तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
लोगों ने कहा कि मोहना चांदपुर पंचायत के वार्ड 17 में शनिवार तक सामुदायिक रसोई शुरू नहीं हुई थी। वार्ड 5 में ग्रामीणों के विरोध के बाद सामुदायिक रसोई शुरू कराई गई। ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए चारा,स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की। उनका कहना था कि लंबे समय से जलजमाव के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। हंगामे की सूचना पर सीओ राजस्व कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई, पॉलीथिन शीट और पेयजल टैंकर की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।इस दौरान डीएम आशुतोष द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज राय, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मनोज सिंह कुशवाहा, जदयू नेता चंद्रमोहन सिंह,जदयू प्रदेश नेता अरविंद भगत,मुखिया प्रतिनिधि निधि ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि गया राम आदि मौजूद रहे।