कटिहार – जयमाला शिक्षा निकेतन में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ दीपावली उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार की आकर्षक एवं मनमोहक रंगोलियाँ बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं विद्यार्थियों ने संपूर्ण रामायण की कथा को संक्षिप्त एवं प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से मंच पर जीवंत कर दिया।
भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और अधर्म पर धर्म की विजय के संदेश ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विद्यालय के निदेशक डॉ सुशील कुमार सुमन ने किया। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियाँ मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें सत्य, धर्म, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है।
इस अवसर पर डॉ. सुमन ने बच्चों को पटाखों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि पटाखे जलाना न तो आर्थिक दृष्टि से उचित है और न ही पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि पटाखों में आग लगाना वास्तव में अपनी मेहनत की कमाई को आग लगाने के समान है।
इससे धन की बर्बादी के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी फैलता है। पटाखों से निकलने वाली जहरीली गैसें एवं हानिकारक रासायनिक तत्व वातावरण को दूषित करते हैं, जिनका प्रभाव अंततः हमारी साँसों के माध्यम से शरीर पर पड़ता है। उन्होंने बच्चों को आगाह किया कि पटाखों से निकलने वाली चिंगारी आँखों एवं शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है।
इसलिए सभी को सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने का संकल्प लेना चाहिए।विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार निराला, वरिष्ठ शिक्षक बाल कृष्ण वर्मा, मिथिलेश कुमार सिंह, अमित कुमार,मिथिलेश कुमार झा,लोकनाथ लोकप्रिया,त्रिलोकी मंडल, गोपाल झा,अमित कुमार, सुबर्तो बनर्जी,जयंत मल्लिकार, कमरूल हक, नूर अख्तर, एन. झा, सलोनी कुमारी, पुष्प कुमारी, निशा भारती, रिया चक्रवर्ती, स्वाति, कोयल, सिम्मी, सीमा कयस्कान,अभिराज, नेहा,मनीषा, सुभम सिंह, गोपाल सिंह एवं सत्यम झा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।