18 वर्षों से सेवा दे रहे कर्मियों ने रखीं चार प्रमुख मांगें, चार माह का मानदेय भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट का आरोप
मुख्यमंत्री और सांसद को सौंपा ज्ञापन
अररिया/अरुण कुमार
बिहार राज्य शिक्षा सेवक/शिक्षा सेवक तालिमी मरकज संघ की अररिया जिला इकाई ने शिक्षा सेवक एवं तालिमी मरकज कर्मियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हस्तक्षेप की मांग की है। संघ की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला पदाधिकारी, अररिया के माध्यम से भेजा गया है साथ ही सांसद प्रदीप कुमार सिंह को भी ज्ञापन सौंपा गया है।ज्ञापन में कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने सहित चार प्रमुख मांगों को पूरा करने की अपील की गई है।
अररिया जिला अध्यक्ष सुशील कुमार रजक ने अपने ज्ञापन में कहा है कि शिक्षा सेवक एवं तालिमी मरकज कर्मियों की नियुक्ति वर्ष 2008 में की गई थी। ये कर्मी पिछले 18 वर्षों से लगातार शिक्षा और गैर-शैक्षणिक कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक राज्यकर्मी का दर्जा और अन्य सरकारी कर्मियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। संघ का कहना है कि कर्मियों ने सरकार की ओर से सौंपे गए दायित्वों का लगातार निर्वहन किया है।
संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया था। इनमें 25 नवंबर 2023 को पटना में आयोजित बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह, 13 अप्रैल 2025 को भीम संसद कार्यक्रम तथा 4 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए संवाद का हवाला दिया गया है।
ये हैं संघ की चार प्रमुख मांगें
संघ ने मांग की है कि वर्ष 2018 की संशोधित नियमावली के तहत सभी कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देते हुए सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधाएं दी जाएं तथा सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।
दूसरी मांग में सभी कर्मियों को एक करोड़ रुपये का समूह जीवन बीमा एवं कर्मी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति और पारिवारिक पेंशन का लाभ देने की मांग की गई है।
तीसरी मांग में सरकारी आदेश जारी कर सभी कर्मियों को डीएलएड (D.El.Ed) प्रशिक्षण तथा प्रत्येक छह वर्ष पर आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
वहीं, चौथी मांग में पिछले चार माह से बकाया मानदेय का भुगतान अविलंब कराने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण शिक्षा सेवक एवं तालिमी मरकज कर्मियों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ ने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने और बकाया मानदेय का भुगतान कराने की अपील की है।