रासायनिक दवाओं के सीमित इस्तेमाल और जैविक खेती पर जोर
फ्रूट फ्लाई ट्रैप का जल्द वितरण करने का निर्देश
मनसाही/कटिहार – प्रखंड क्षेत्र के कुरेठा पंचायत में सहायक निदेशक पौधा संरक्षण जय किशुन कुमार ने किसानों के साथ संवाद कर धान एवं अन्य फसलों में लगने वाले रोगों और कीटों की पहचान,उनके प्रबंधन तथा बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न फसलों में लगने वाले रोगों एवं कीटों के उपचार के बारे में किसानों को विस्तार से बताया।
साथ ही उपादान वितरण योजना के तहत किसानों के बीच वितरित किए गए फेरोमोन ट्रैप,स्टिकी ट्रैप एवं अन्य प्रकार के ट्रैपों का गहन निरीक्षण किया। ट्रैप में फंसे कीटों की पहचान कर उनके प्रभाव एवं नियंत्रण के उपायों की जानकारी भी दी गई। सहायक निदेशक ने किसानों को रासायनिक कीटनाशक दवाओं का सही एवं निर्धारित मात्रा में इस्तेमाल करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि कई बार दुकानदारों की सलाह पर किसान खेतों में जरूरत से अधिक मात्रा में दवाओं का छिड़काव कर देते हैं,जिससे अनावश्यक खर्च बढ़ने के साथ फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता हैं । उन्होंने किसानों से अपील की कि वे दवाओं का इस्तेमाल निर्धारित खुराक और उचित तकनीकी सलाह के अनुसार ही करें।
इसके साथ ही उन्होंने जैविक खेती के तरीकों को अपनाने तथा रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने की दिशा में प्रयास करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान कीटों एवं रोगों के नियंत्रण के लिए केवल रासायनिक छिड़काव पर निर्भर न रहें,बल्कि विभिन्न फसलों में आवश्यकता के अनुसार फेरोमोन ट्रैप,स्टिकी ट्रैप एवं अन्य उपयुक्त ट्रैपों का भी इस्तेमाल करें। इससे कीटों की निगरानी एवं नियंत्रण में मदद मिल सकती हैं और अनावश्यक रासायनिक छिड़काव को कम किया जा सकता हैं।
कार्यक्रम में मौजूद दर्जनों किसानों ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और फसल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सवाल पूछकर आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कुरेठा पंचायत के मुखिया अवधेश प्रसाद यादव,वार्ड सदस्य बिनोद पंडित,उपादान सेवा प्रदाता राहुल आनंद सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे। वहीं,सहायक निदेशक पौधा संरक्षण ने उपादान सेवा प्रदाता को निर्देश दिया कि किसानों के बीच फ्रूट फ्लाई ट्रैप का वितरण जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए,ताकि किसान इसका उपयोग कर फसलों को कीटों से बचाने की दिशा में प्रभावी कदम उठा सकें।