कटिहार – जिले में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के निर्माण की प्रक्रिया मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप तेजी से आगे बढ़ रही है। जिसके तहत जिला प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जमीन का चयन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। इस अस्पताल के निर्माण से न केवल कटिहार बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बेहतर और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार इस चिकित्सा महाविद्यालय के लिए कटिहार अंचल अंतर्गत मौजा कटिहार थाना नंबर 81, खाता संख्या 617 की कुल 58.47 एकड़ जमीन को उपयुक्त पाया गया है। इस चिन्हित विशाल भूमि में खेसरा संख्या 2451, 10.50 एकड़ और खेसरा संख्या 2452, 47.97 एकड़ शामिल हैं। प्रस्तावित भूमि के उत्तर में खेसरा संख्या 2468 तथा दक्षिण में एनएच 131ए गुजरती है ।
जबकि इसके पूर्व और पश्चिम दिशा में अन्य निर्धारित खेसरा संख्या स्थित हैं। सबसे खास बात यह है कि इस स्थल के ठीक पास ही सीमांचल बीएड कॉलेज और सीमांचल डिग्री कॉलेज भी अवस्थित हैं। हालांकि प्रशासनिक रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित भूमि की जमाबंदी गैरमजरूआ बिहार सरकार के नाम दर्ज है और खतियानी दस्तावेज में इसकी किस्म नदी दर्ज है।
राजस्व विभाग के पूर्व के दिशा-निर्देशों के तहत जल निकायों या नदी की भूमि के हस्तांतरण पर प्रतिबंध है। लेकिन इस जमीन के वर्तमान भौतिक स्वरूप में पूरी तरह बदलाव आ चुका है और यह अब किसी भी रूप में सार्वजनिक उपयोग या जल प्रवाह के काम में नहीं आ रही है। बल्कि इसके एक अंश भाग से एनएच 131ए भी गुजरती है।
इसी तकनीकी पहलू को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग से सहमति पत्र प्राप्त करने का अनुरोध किया है। ताकि भूमि के निःशुल्क अंतरविभागीय हस्तांतरण की आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके। इस मेडिकल कॉलेज के खुलने से मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी और जिला स्तर पर प्रशासनिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब स्वास्थ्य व राजस्व विभाग से सहमति मिलने का इंतजार है। जिसके बाद निर्माण की दिशा में औपचारिक कदम उठाए जाएंगे।