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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़ी कार्रवाई,किशनगंज के दो तत्कालीन अंचलाधिकारी सहित छह पर गिरी गाज

मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर कार्रवाई, एक अधिकारी पर दंड, दो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और तीन पर संचयी प्रभाव से वेतनवृद्धि रोकने का आदेश

डेस्क : बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कार्यों में अनियमितता, दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन में लापरवाही और सरकारी निर्देशों की अवहेलना के मामलों में छह अंचल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर 26 अक्टूबर 2026 को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंड एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े आदेश जारी किए गए।

विभागीय विवरण के अनुसार, किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड के तत्कालीन अंचल अधिकारी ओम प्रकाश भगत पर जाति प्रमाण-पत्र निर्गत करने में अनियमितता का आरोप है। आरोप के मुताबिक, बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत अर्हता पूरी नहीं करने के बावजूद पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल जाति के प्रमाण-पत्र जारी किए गए। इस मामले में दो वेतनवृद्धियों पर संचयी प्रभाव से रोक लगाने का दंड दिया गया है। साथ ही, उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने तथा संबंधित राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी पर भी प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।

वहीं, किशनगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी निश्चल प्रेम पर बिना कार्यादेश अग्रिम भुगतान करने और वित्तीय अनियमितता के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

जबकि रोहतास जिले के अकोढ़ीगोला के तत्कालीन अंचल अधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह पर दाखिल-खारिज वादों में समय पर निर्णय नहीं लेने, जमाबंदी से संबंधित सूचना दिए बिना तथा बिना विचार-विमर्श के दाखिल-खारिज स्वीकृत करने के आरोप हैं। उनके विरुद्ध तीन वेतनवृद्धियों पर संचयी प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया गया है।

कटिहार जिले के बरारी के तत्कालीन अंचल अधिकारी ललन कुमार मंडल पर अधिग्रहित भूमि का खाली नहीं कराना और सरकारी आश्वासन संख्या 660/2023 का समय पर अनुपालन नहीं करने का आरोप है। उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित किया गया है।

कटिहार के मनसाही के तत्कालीन अंचल अधिकारी महेश प्रसाद सिंह पर भूमि सुधार उपसमाहर्ता, कटिहार के पारित आदेश के विपरीत एवं स्पष्ट बाद वाली लंबित दाखिल-खारिज याचिका को स्वीकृत करने का आरोप है। उनके विरुद्ध भी आरोप पत्र गठित किया गया है।

इसी तरह, गोगरी के तत्कालीन अंचल अधिकारी राज नारायण राजा पर विभागीय निर्देशों के विपरीत दाखिल-खारिज वादों को अस्वीकृत करने, चार वादों को एक वर्ष से अधिक समय तक लंबित रखने तथा बार-बार स्मार पत्र दिए जाने के बावजूद कारण स्पष्ट नहीं करने का आरोप है। उनके विरुद्ध दो वेतनवृद्धियों पर संचयी प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया गया है।

विभागीय कार्रवाई से स्पष्ट संदेश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इस कार्रवाई को राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्ध निष्पादन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभागीय आदेशों से अधिकारियों को यह संदेश दिया गया है कि दाखिल-खारिज, जमाबंदी और अन्य राजस्व संबंधी मामलों में लापरवाही या अनियमितता बरतने पर कार्रवाई की जा सकती है।

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