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तीन दिवसीय प्रेक्षाध्यान कार्यशाला आयोजित

आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक पद्धति है प्रेक्षाध्यान- मुनि प्रशांत

कटिहार -मुनिश्री प्रशांत कुमार ,मुनिश्री कुमुद कुमार के सान्निध्य में प्रेक्षा प्रशिक्षक मंजू जी सिपाणी कोलकाता के निर्देशन में तेरापंथ सभा कटिहार की ओर से प्रेक्षाध्यान कार्यशाला आयोजित हुई।कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रशांत कुमार ने कहा -प्रेक्षाध्यान में जीवन विकास के प्रयोग है। ये आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक पद्धति है। इससे जीवन एवं विचारधारा में परिवर्तन आता है।

इसमें उपदेश नहीं प्रयोग है।प्रेक्षाध्यान आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी की देन है। उन्होंने वर्षों तक ध्यान के विविध प्रयोग करके गहरा अनुभव प्राप्त किया। ‌आगम सूत्रों में अनेकों जगह ध्यान के बारे में तत्व उपलब्ध थे उन्हें व्यवस्थित रूप देकर प्रेक्षाध्यान प्रणाली नाम दिया। वर्तमान में आसन, प्राणायाम को ही योग मान लिया जाता है वह तो सिर्फ प्रारम्भिक भूमिका है।

ध्यान साधना का मूल उद्देश्य हैआत्म साक्षात्कार करना। प्रयोग तो माध्यम है।वीतरागता की स्थिति को प्राप्त करना यह लक्ष्य होना चाहिए।आर्तध्यान, रौद्र ध्यान अशुभ ध्यान है। धर्म ध्यान के माध्यम से शुक्ल ध्यान तक पहुंचना है।योग का अर्थ है जोड़ना।ध्यान के अनेक प्रयोग होते है।प्रेक्षा यानी देखना – भीतर में देखना। भीतर में जाने के लिए साधन है श्वास। ज्ञाता दृष्टा भाव से देखना सीखें जिससे भीतर में जागरूकता बढ़ती है। प्रेक्षाध्यान जीवन जीने की शैली है। साधना का महत्वपूर्ण अंग है प्रेक्षाध्यान।

प्रेक्षा प्रशिक्षक श्रीमती मंजू सिपाणी कोलकाता ने कहा – योगक्षेम के लिए प्रेक्षाध्यान आवश्यक उपक्रम है। इसके द्वारा हम अपने शरीर मन एवं भावों को मजबूत बना सकते है। प्रेक्षाध्यान का आधार राग द्वेष मुक्त होकर देखो। अपने आप में आत्मा में स्थिर होना। इसके द्वारा सम्रग जीवन का योगक्षेम कर सकते है। श्वास के द्वारा जीवन के सात का संचालन,नियमन और नियोजन होता है।

कायोत्सर्ग तथा अनुप्रेक्षा के प्रयोग के माध्यम से महत्व को दर्शाने के साथ साथ प्रेक्षाध्यान की उपसम्पदा की विस्तार से जानकारी दी।तेरापंथ सभा मंत्री राजकुमार पुगलिया ने बताया कि- शिविरार्थियों ने प्रेक्षा गीत का संगान किया। मुनिश्री ने ध्यान का प्रयोग करवाया।संयोजक राजेश पटावरी, सभा अध्यक्ष विमल बैंगाणी ने विचार व्यक्त किए। अनिल बैद ने अपने अनुभव बताएं। तेरापंथ सभा द्वारा प्रेक्षा प्रशिक्षक श्रीमती मंजू सिपाणी का सम्मान किया गया।

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