न्यूज लेमनचूस

Follow Us:

न्यूज लेमनचूस

पिस्टल के दम पर नशे का खेल, करोड़ो की हेरोइन समेत पिस्टल कारतूस बरामद,पिता पुत्र चढ़े पुलिस के हत्थे

किशनगंज/दिलशाद

सीमावर्ती किशनगंज में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। गलगलिया थाना क्षेत्र के हाथीडुबा गांव में पुलिस, एएनटीएफ, विशेष कार्य बल और एसएसबी की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 455 ग्राम हेरोइन बरामद किया है। इसके अलावा एक देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस भी मिला है।

पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। नशे की खेप के साथ हथियार मिलने के बाद जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।गौरतलब हो कि पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है ।

पुलिस के अनुसार 28 सितंबर को एसपी संतोष कुमार को सूचना मिली थी कि गलगलिया थाना क्षेत्र के हाथीडुबा गांव निवासी मदन मोहन पासवान अपने घर में अवैध मादक पदार्थ रखकर उसकी खरीद-बिक्री कर रहा है। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में एएनटीएफ, विशेष कार्य बल, एसएसबी और गलगलिया थाना की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने हाथीडुबा गांव स्थित मदन मोहन पासवान के घर पर छापेमारी की।

तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिला। पुलिस के अनुसार मौके से 455 ग्राम हेरोइन और एक देशी पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इसके साथ हथियार की बरामदगी ने कार्रवाई को और गंभीर बना दिया। बरामद हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 57 वर्षीय रामजपो पासवान और उसके 29 वर्षीय पुत्र मदन मोहन पासवान को गिरफ्तार किया। दोनों हाथीडुबा गांव के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री करने की बात बताई है।

पूछताछ में नशे की खेप के सप्लाई रूट को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी मालदा के कालियाचक से स्मैक की खेप लाते थे और फिर स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे विक्रेताओं को इसकी सप्लाई करते थे। इतना ही नहीं, नेपाल तक नशीले पदार्थ की खेप पहुंचाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। हालांकि इस पूरे नेटवर्क की वास्तविक कड़ियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

नशे के कारोबार के साथ हथियार का कनेक्शन भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह बात सामने आई कि नशे की खरीद-बिक्री से जुड़े लोग अपनी दबंगई और सुरक्षा के लिए पिस्टल रखते थे। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पिस्टल का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के पास भी हथियार हैं या नहीं।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही बरामद हेरोइन के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक का पता लगाया जा रहा है। यानी नशीला पदार्थ कहां से आया, किसने पहुंचाया और आगे किन लोगों तक इसकी सप्लाई होनी थी, इसकी कड़ी जोड़ने में जांच एजेंसियां जुटी हैं। पुलिस ने नशे के कारोबार से अर्जित अपराधजनित अवैध संपत्ति का पता लगाकर उसे नियमानुसार जब्त करने की कार्रवाई करने की भी बात कही है।

इस मामले में गलगलिया थाना कांड संख्या 96/26, दिनांक 28 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(c), 21(c), 22(c), 25 और 29 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)A, 26 और 35 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अब पुलिस की जांच का सबसे बड़ा फोकस उस नेटवर्क पर है, जिसके जरिए मालदा के कालियाचक से नशीली खेप किशनगंज पहुंचने और स्थानीय स्तर से आगे सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। एक कार्रवाई में 455 ग्राम हेरोइन और हथियार की बरामदगी के बाद जांच आगे बढ़ने के साथ नशे के इस कारोबार से जुड़े और नाम सामने आने की उम्मीद है।

Share this news

Leave a Comment