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सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर लागू करने को लेकर कार्यशाला आयोजित

कटिहार-जिले में सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय आवश्यकताओं और जमीनी परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न सूचकांकों में गुणात्मक सुधार लाने के लिए एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।उपविकास आयुक्त डा.नेहा कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के लिए एक व्यापक और समेकित जिला कार्ययोजना तैयार करना है। जिससे जिले के विकास कार्यों को एक नई दिशा दी जा सके और आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक व स्थायी बदलाव लाया जा सके।

कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी द्वारा नामित जिले के 10 प्रमुख पदाधिकारियों ने राज्यस्तरीय कार्यशाला में भाग लेते हुए सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण, विभिन्न संकेतकों की मौजूदा स्थिति तथा उनके बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत मंथन किया। तो वहीं विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल बेहतर करने, उपलब्ध संसाधनों का अधिक से अधिक प्रभावी उपयोग करने तथा जिले के कमजोर व सुधार की आवश्यकता वाले सूचकांकों पर केंद्रित एक मजबूत रणनीति तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान गाँवों और पंचायतों को विकास की धुरी बनाने के लिए नौ प्रमुख अवधारणाओं पर विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। गरीबी-मुक्त गाँव और पंचायत, स्वस्थ गाँव, बाल-मित्र गाँव, जल-पर्याप्त गाँव, स्वच्छ एवं हरित गाँव, पर्याप्त व सुदृढ़ आधारभूत संरचना वाले गाँव, सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण और सुरक्षित गाँव, सुशासन वाले गाँव तथा महिला-मित्र गाँव शामिल हैं।

स्थानीय प्राथमिकताओं के साथ गरीबी उन्मूलन, शून्य भुखमरी, बेहतर स्वास्थ्य एवं कल्याण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल एवं स्वच्छता, सस्ती व स्वच्छ ऊर्जा, सम्मानजनक रोजगार, उद्योग एवं नवाचार, असमानता में कमी, टिकाऊ शहर व समुदाय, जिम्मेदार उपभोग, जलवायु कार्रवाई, जलीय एवं स्थलीय पारिस्थितिकी, शांति-न्याय और मजबूत संस्थाओं से जुड़े कुल 17 विश्वस्तरीय विकास लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर उतारने की रूपरेखा बनाई जा रही है।

कार्यशाला में सामने आए सुझावों और विभिन्न विकास संकेतकों के डेटा विश्लेषण के आधार पर जिले के लिए एक विशेष समेकित कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिसमें हर एक सूचकांक की वर्तमान स्थिति, उनमें सुधार के लिए आवश्यक कदमों, विभागवार जिम्मेदारियों, आपसी समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई को स्पष्ट रूप से शामिल रहेगा।

प्रशासन का प्रयास है कि आंकड़ों में सुधार तक ही सीमित न रहकर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, पेयजल, स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण और सुशासन जैसे तमाम क्षेत्रों में सामूहिक और ठोस प्रयासों के जरिए जिले को एक समावेशी, टिकाऊ तथा पूरी तरह जन-केंद्रित विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

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