सागर चंद्रा/ किशनगंज
दहेज की मांग कर पति और ससुराल वालों के द्वारा महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। किसी तरह ससुराल वालों के चंगुल से फरार हो कर महिला ने मायके में शरण लेकर अपनी जान बचाई और घटना की शिकायत लेकर थाने पहुंच गई। शहर के लहरा चौक निवासी पीड़िता तनजीमा खातून के लिखित शिकायत पर टाउन थाने में पति और ससुराल वालों के विरुद्ध केस दर्ज कर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार तनजीमा की शादी लहरा चौक निवासी मंजर आलम के साथ इस्लामिक रिति-रिवाज के साथ हुई थी। जिससे उसे दो संतान भी है। लेकिन पति मंजर को स्मैक के सेवन की बुरी लत लग गई है। शादी के बाद से ही पति और ससुराल वाले पांच लाख रूपये, बुलेट बाइक, दो भरी सोना की मांग कर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
लेकिन मायके वालों के द्वारा मांग पूरी नहीं करने पर अब उसकी हत्या का प्रयास किया जा रहा था। पति और ससुराल वालों के अत्याचार से परेशान होकर तनजीमा ने गत 6 अगस्त 2024 को न्यायालय में वाद दायर किया था। लेकिन पति ने न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर भविष्य में गलती ना दोहराने का सुलहनामा देकर तनजीमा को घर वापस ले गया था।
लेकिन इसके बावजूद गत 21 सितंबर को भी पति और ससुराल वालों ने तनजीमा के साथ मारपीट की और गला दबाकर हत्या का प्रयास किया था। लेकिन तनजीमा किसी तरह बच्चों को लेकर अपनी जान बचाई और मायके में शरण ले ली। मायके वालों ने सदर अस्पताल में उसका इलाज कराया। जहां इलाज के बाद वह मामले की शिकायत लेकर थाने पहुंच गई।