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कटिहार:डीलर के विरुद्ध लाभुकों ने प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शन

अंत्योदय कार्ड में 35 की जगह 12 किलो राशन देने व अभद्रता का लगाया आरोप

डंडखोरा /कटिहार-प्रखंड क्षेत्र के भमरैली पंचायत के दर्जनों राशन कार्ड लाभुक सोमवार को प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर जन वितरण प्रणाली के दुकानदार रामानंद पोद्दार के विरुद्ध जमकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लाभुकों ने प्रखंड कार्यालय का घेराव करते हुए डीलर पर खाद्यान्न वितरण में भारी कटौती,तौल में हेराफेरी, अवैध वसूली तथा विरोध करने पर गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगाया।

इस दौरान ग्रामीण राशन का भी लाये थे। लाभुक प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास डीलर के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई किये जाने की मांग की है। प्रखंड मुख्यालय पहुंची लाभुक लक्ष्मी देवी तथा कौशल्या देवी ने बताया कि निर्धन परिवार के होने के कारण सरकार द्वारा उन्हें अंत्योदय अन्न योजना के तहत 35 किलोग्राम राशन आवंटित है। लेकिन डीलर द्वारा उन्हें हर महीने महज 12 से 13 किलोग्राम अनाज देकर विदा कर दिया जाता है।

पूरा राशन मांगने पर डीलर व उसका पुत्र कहता है कि ऊपर से हीं माल कम दिया जा रहा है।लेना है तो लो नहीं तो जाओ। वहीं लाभुक सूरज चौहान ने बताया कि प्रति सदस्य पांच किलो प्रति युनिट की दर से मिलने वाले राशन में भी मनमाना ढंग से कटती की जाती है। 25 किलो के बदले 20 और 60 किलो की जगह 40 किलो राशन ही दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जो राशन दिया जाता है,उसे बाहर में तौलने पर उसमें भी 2-3 किलो कम होता है।लाभुकों ने डीलर पर ई-केवाईसी और कार्ड ठीक कराने के नाम पर 100 से 200 रुपये की अवैध वसूली किये जाने का भी आरोप लगाया है।

तो वहीं डीलर के पुत्र सोनू कुमार पर लाभुकों को गाली देने और अभद्र व्यवहार करने की बात कही।लाभुकों की मानें तो डीलर द्वारा प्रवासी मजदूरों के राशन के राशन कार्ड बंद करने की भी धमकी दी जाती है। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं होने पर उन्हें आजिज होकर प्रखंड मुख्यालय आकर गुहार लगानी पड़ी।अब सवाल है कि सरकार गरीब कार्डधारकों को राशन मुफ्त देती है।वितरण सही हो इसकी निगरानी को लेकर प्रखंड से लेकर जिलास्तर तक के पदाधिकारी नामित हैं ।

फिर भी गरीबों की हकमारी क्यों हो जाती है?क्या निगरानी से जुड़े लोग अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं? स्थानीय जनप्रतिनिधि बताते हैं कि नियमित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का नहीं होना तथा विभागीय डाटा ऑपरेटर पंकज कुमार का पदस्थापित होना अनियमितता को बढावा देता है। इसका अवैध वसूली: ई-केवाईसी और नाम सुधार के नाम पर 100-200 रुपये ऐंठने का आरोप
लाभुकों का आरोप है कि डीलर मनमाने ढंग से वसूली का अड्डा चला रहा है।

बाहर कमाने गए परदेसी कामगार जब राशन लेने आते हैं, तो उनका नाम पोर्टल से कटने का डर दिखाकर 3 हजार रुपये तक की मांग की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार द्वारा ई-केवाईसी प्रक्रिया बिल्कुल निःशुल्क रखी गई है, लेकिन डीलर द्वारा प्रति कार्ड 100 से 200 रुपये जबरन वसूले जा रहे हैं। राशि नहीं देने पर अंगूठा नहीं लगवाया जाता। लाभुकों ने चेतावनी दी कि यदि अविलंब जांच कर डीलर का लाइसेंस रद्द नहीं हुआ, तो वे अनुमंडल स्तर पर उग्र आंदोलन करेंगे।


पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इस बाबत प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से फोन पर बात की गयी तो फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

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