एक सप्ताह में शौचालय, पेयजल व बिजली की सुविधा पूरी करने का निर्देश
किशनगंज:जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को समेकित बाल विकास सेवाओं के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और भवन निर्माण विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, भूमि चयन, शौचालय, पेयजल और बिजली कनेक्शन के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना एवं पोषण से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को दिया, ताकि ऐसे भवनों के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहे शौचालय निर्माण, पेयजल की मरम्मत एवं नया कनेक्शन तथा बिजली कनेक्शन से संबंधित सभी कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया। वहीं भवन निर्माण से जुड़े कार्यों को 26 जनवरी से पहले पूरा कराने को कहा गया।
योजनाओं की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान संतोषजनक उपलब्धि नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को एक सप्ताह में आवेदन पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया में शत-प्रतिशत प्रगति लाने का निर्देश दिया। किशनगंज, बहादुरगंज, ठाकुरगंज और टेढ़ागाछ परियोजनाओं में दोनों योजनाओं की धीमी प्रगति पर विशेष रूप से सुधार के निर्देश दिए गए।
274 केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी बनाने का लक्ष्य
जिले में 274 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इस माह में कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया।
बच्चों की वृद्धि निगरानी में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार, घर भ्रमण, लाभार्थियों की पहचान, केंद्रों के नियमित संचालन और बच्चों की वृद्धि निगरानी की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व में शत-प्रतिशत बच्चों की वृद्धि निगरानी कर सुधारात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इस पर उन्होंने खेद जताते हुए महिला पर्यवेक्षिकाओं को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत बच्चों की वृद्धि निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सभी लाभार्थियों का स्वास्थ्य पहचान संख्या बनवाने तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का आधार पंजीकरण कर उनकी विद्यार्थी पहचान संख्या बनवाने का निर्देश भी दिया गया।
अतिकुपोषित बच्चों को पुनर्वास केंद्र भेजने का निर्देश
जिले में चिन्हित अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भेजने और भर्ती कराने के लिए सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले माह समेकित बाल विकास सेवाओं के माध्यम से केवल 16 बच्चों को ही पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा गया, जिस पर उन्होंने खेद जताया और इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, समेकित बाल विकास सेवाओं के पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, भवन निर्माण विभाग एवं स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के पदाधिकारी तथा जिला समन्वयक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।