प्रतिमा स्थापना से पहले लेना होगा लाइसेंस, मेला-जागरण के लिए भी प्रशासन की अनुमति अनिवार्य
बरारी /कटिहार -दुर्गापूजा को लेकर बरारी प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर पूजा समितियों के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। पूजा पंडाल और प्रतिमा स्थापित करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ भीड़ की आवाजाही के लिए प्रवेश और निकास की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। पूजा और विसर्जन के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
जागरण या भक्ति कार्यक्रम की आड़ में अश्लील गीत अथवा कार्यक्रम आयोजित करने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रखंड विकास कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बीडीओ धीरेंद्र कुमार धीरज ने कहा कि आगामी माह की 10 से 20 तारीख तक नवरात्रि कार्यक्रम प्रस्तावित है। शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजन कराने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने पूजा समितियों से नियमों का पालन करने की अपील की।
मौके पर सीओ मनीष कुमार और थानाध्यक्ष सुमेश कुमार मौजूद थे। बीडीओ ने बताया कि पंडाल रेल लाइन, गैस गोदाम और विद्युत संयंत्र से सुरक्षित दूरी पर बनाए जाएंगे। पंडाल के अंदर आने-जाने का रास्ता सुगम रखने के साथ पीछे भी पर्याप्त जगह छोड़नी होगी। प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा और उसका फोकस प्रतिमा की ओर रखना होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र की आवाज भी निर्धारित सीमा में रखनी होगी।
बिना अनुमति मेला और जागरण कराने पर कार्रवाई
सीओ मनीष कुमार ने कहा कि पूजा समिति को लाइसेंस के साथ स्वयंसेवकों की सूची भी देनी होगी। पंडाल में केवल भक्ति गीत बजाने की अनुमति होगी। बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्र चलाने, अश्लील गीत बजाने या मेला-जागरण आयोजित करने पर कार्रवाई होगी।
विसर्जन निर्धारित तिथि और प्रशासन द्वारा तय मार्ग से कराया जाएगा। भगवती मंदिर के आसपास मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।थानाध्यक्ष सुमेश कुमार ने कहा कि भीड़ वाले स्थानों और पूजा पंडालों में पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। असामाजिक तत्वों और पूर्व में आरोपित लोगों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या प्रशासन को दें।