फलका /कटिहार – पोठिया थाना क्षेत्र की भंगहा पंचायत के भंगहा गांव में शराबबंदी के बावजूद जगह-जगह हो रही शराब और स्मैक की धड़ल्ले से बिक्री के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। इस अवैध कारोबार से आक्रोशित महिलाओं ने गुरुवार को गांव के कॉपरेटिव गोदाम के समीप स्टेट हाईवे-77 को करीब तीन घंटे तक जाम रखा।सड़क जाम होने के कारण हाईवे के दोनों ओर छोटे- बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जिससे राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
सड़क जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष नवीन कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक श्रीराम राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच आक्रोशित महिलाओं को भरोसा दिलाया कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ लगातार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के आश्वासन के बाद महिलाओं ने जाम हटाया।जिसके बाद हाईवे पर वाहनों का आवागमन फिर से सुचारू रूप से बहाल हो सका।स्टेट हाईवे-77 को जाम कर प्रदर्शन कर रही दर्जनों महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
महिलाओं का कहना था कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी भंगहा गांव के गली-मोहल्लों में नशे के सौदागर बेखौफ होकर शराब और स्मैक बेच रहे हैं।इसके कारण देर शाम होते ही आम लोगों का जीना मुहाल हो जाता है।शाम के समय महिलाओं, युवतियों और छात्र-छात्राओं का सड़क पर चलना भी दूभर हो गया है। वहीं शराब के नशे में पुरुषों द्वारा घर आकर अक्सर महिलाओं को प्रताड़ित किये जाने की बात कही।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।उनका कहना था कि स्थानीय पुलिस द्वारा नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने के कारण इन कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।इस अवैध धंधे की वजह से पुरुषों के साथ- साथ अब छोटे-छोटे बच्चों की जिंदगी भी पूरी तरह तबाह और बर्बाद हो रही है, जो कि समाज के लिए एक बेहद गंभीर समस्या बन चुकी है।
महिलाओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय प्रशासन ने नशे के इस अवैध कारोबार पर जल्द से जल्द पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया, तो वे एक बार फिर से सड़क जाम कर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी।नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस का शिकंजा लगातार कस रहा है और किसी भी धंधेबाज को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण बेखौफ होकर ऐसे लोगों की सूचना पुलिस को दे।उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रहेगी।