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पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस धर्माराधना से गूंजा महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल

खाद्य संयम दिवस पर साध्वीवृंद ने दिया आत्मसाधना और संयम का संदेश, अखंड जाप से भक्तिमय हुआ वातावरण

मुंबई : पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस पर दक्षिण मुंबई के कालबादेवी स्थित महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल का परिसर धर्माराधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति से पूरा परिसर श्रद्धा के रंग में रंग गया। सामूहिक मंगलाचरण के साथ महापर्व का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस को ‘खाद्य संयम दिवस’ के रूप में मनाया गया।

सभी संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से मंगलाचरण कर महापर्व की मंगल शुरुआत की। इस अवसर पर शासन श्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कहा कि पर्युषण पर्व के आगमन के साथ ही वातावरण में मैत्री, करुणा और पवित्रता का भाव जागृत होता है। व्यक्ति आत्मदर्शन की ओर अग्रसर होकर यह चिंतन करता है कि जीवन में क्या खोया और क्या पाया। उन्होंने कहा कि इन दिनों श्रावक-श्राविकाएं ज्ञान, दर्शन और चरित्र की साधना में स्वयं को समर्पित करते हैं।

साध्वीश्री उदितप्रभाजी ने खाद्य संयम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साध्वीवृंद ने गीत के माध्यम से पर्युषण पर्व की वास्तविक उपलब्धि को जीवनशैली में उतारने का संदेश दिया।

वहीं शासन श्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी ने कर्मसूक्त के आधार पर प्रवचन करते हुए भगवान पार्श्वनाथ के पूर्व जन्मों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ ने भी क्षमा याचना और आत्मशुद्धि के मार्ग से अपनी मंजिल प्राप्त की। प्रवचन के दौरान श्रद्धालु आध्यात्मिक भावों में डूबे रहे।

सुबह छह बजे से अखंड जाप

पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस सुबह 6 बजे अखंड जाप का शुभारंभ किया गया। यह जाप महापर्व के सभी दिनों में निरंतर जारी रहेगा। अखंड जाप से महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल का पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।

पर्युषण महापर्व का आयोजन आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन, श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल एवं अणुव्रत समिति दक्षिण मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। महापर्व के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रतिक्रमण के बाद रात्रिकालीन सत्र में भी आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। इससे श्रद्धालु दिनभर धर्माराधना के साथ रात में भी अध्यात्म और भक्ति के वातावरण में रहेंगे।

प्रथम दिवस पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि पर्युषण महापर्व को लेकर समाज में धर्म, संयम, साधना और आत्मशुद्धि के प्रति गहरी आस्था और उत्साह है।चाहें तो इसे मैं दैनिक जागरण/हिंदुस्तान के स्थानीय पेज की और अधिक चटपटी, धारदार रिपोर्टिंग शैली में भी तैयार कर सकता हूं।

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