कटिहार–धान की खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और उत्पादनपरक बनाने के लिए किसानों को वैज्ञानिक तकनीक के साथ वैदिक एवं पारंपरिक कृषि ज्ञान से भी जोड़ा जा रहा है। इसको लेकर संयुक्त कृषि भवन के सभागार में शनिवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण कटिहार के तत्वावधान में धान की उन्नत खेती एवं कीट-व्याधि नियंत्रण” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी-सह- परियोजना निदेशक आत्मा राजीव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडों से आत्मा की कृषक पाठशाला से जुड़े एवं संकर धान की खेती करने वाले 80 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान डीएओ ने कृषि पंचांग और नक्षत्र आधारित ज्ञान से लेकर प्राकृतिक खेती तक की जानकारी किसानों को दिया।उन्होंने कहा कि खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के साथ पारंपरिक एवं वैदिक कृषि ज्ञान का समुचित समन्वय जरूरी है।
उन्होंने कृषि पंचांग, नक्षत्र आधारित वैदिक कृषि ज्ञान, प्राकृतिक कृषि पद्धति तथा रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर दिया।उन्होंने किसानों को खेत की तैयारी, उन्नत किस्मों का चयन, बीज उपचार, वैज्ञानिक बुआई, खरपतवार प्रबंधन सहित अन्य तकनीकों की जानकारी स्लाइड प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सरल एवं व्यावहारिक तरीके से दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संजू कुमारी ने धान में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान, लक्षण एवं नियंत्रण के उपायों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि कीट -व्याधि की समय पर पहचान से फसलों को नष्ट होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी तथा कीट – व्याधि की समय पर पहचान कर अनुशंसित प्रबंधन उपाय अपनाने की सलाह दी।
वहीं उप परियोजना निदेशक दीक्षा कुमारी ने आत्मा की विभिन्न योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए किसानों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए0 प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का प्रयोग करने से उत्पादन लागत कम और आय बढ़ाने में किसानो को मदद मिल सकती है।
उप परियोजना निदेशक शशि कान्त झा ने कृषक हितकारी समूह एवं एफपीओ के गठन, सामूहिक कृषि गतिविधियों तथा आत्मा द्वारा संचालित प्रदर्शन एवं कृषक पाठशाला कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी।कार्यक्रम में रश्मि कुमारी सहित कृषि विभाग एवं आत्मा के कई पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।