कृषि सखियाॅ प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को किसानों के बीच प्रचार-प्रसार करेंगे- डीएओ
कटिहार-कृषि विज्ञान केंद्र तीनगछिया कटिहार में कृषि सखियों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान चार दिनों तक कृषि वैजानिकों ने अलग -अलग कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के महत्व, उसकी उपयोगिता आदि को लेकर विशेष जानकारी दिया। समापन समारोह में जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार उपस्थित होकर प्रशिक्षित कृषि सखियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के महत्व, उसकी उपयोगिता एवं किसानों के बीच इसके प्रचार-प्रसार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रधान व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मृणाल वर्मा ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों,मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, खेती की लागत कम करने तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने जीवामृत, बीजामृत एवं घनजीवामृत जैसे प्राकृतिक कृषि आदानों की उपयोगिता तथा उनके निर्माण एवं प्रयोग के बारे में विस्तार से बताया।
वहीं एसएमएस शस्य विज्ञान संजू कुमारी ने फसल उत्पादन में प्राकृतिक खेती की तकनीकों,बीज उपचार, फसल विविधीकरण,मृदा उर्वरता प्रबंधन तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया। वहीं किसान मास्टर ट्रेनर सत्यनारायण शर्मा ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं एवं प्राकृतिक कृषि आदानों को तैयार करने की विधियों की जानकारी साझा की।
समापन समारोह में जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि सखियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को किसानों तक पहुँचाने तथा उन्हें रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।