गलगलिया में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत मैत्रीपूर्ण फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित, सीमावर्ती युवाओं में दिखा उत्साह
किशनगंज:गलगलिया फुटबॉल मैदान में 27 अक्टूबर को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत मैत्रीपूर्ण फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। फाइनल मुकाबले में भंडरबारी थ्री स्टार क्लब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए किशनगंज पुलिस टीम को 2-0 से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया।
जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर आयोजित इस टूर्नामेंट का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना तथा स्थानीय नागरिकों, पुलिस, प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और सौहार्द को मजबूत करना था।
प्रतियोगिता में चार टीमों—किशनगंज पुलिस टीम, 19वीं एसएसबी बटालियन ठाकुरगंज, खखोरमुनी एफसी और भंडरबारी थ्री स्टार क्लब ने हिस्सा लिया। पहले मुकाबले में भंडरबारी थ्री स्टार क्लब ने खखोरमुनी एफसी को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, दूसरे मुकाबले में किशनगंज पुलिस टीम ने 19वीं एसएसबी बटालियन ठाकुरगंज को शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल मुकाबले में भंडरबारी थ्री स्टार क्लब और किशनगंज पुलिस टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत हुई। भंडरबारी की टीम ने बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे, जबकि पुलिस टीम कोई गोल नहीं कर सकी। इस तरह भंडरबारी थ्री स्टार क्लब ने 2-0 से जीत दर्ज कर टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
कार्यक्रम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ पुलिस-प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने में मददगार हैं।
टूर्नामेंट के सफल आयोजन में जिला खेल पदाधिकारी आदित्य कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व और समन्वय से प्रतियोगिता की तैयारियों तथा विभिन्न टीमों के बीच तालमेल को व्यवस्थित किया गया।
आयोजन के माध्यम से सामाजिक एकता, अनुशासन, सहयोग और पारस्परिक विश्वास का संदेश दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं की खेल गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने और प्रशासन, पुलिस, एसएसबी तथा स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।