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कटिहार में ‘सुरक्षित बचपन अभियान 2026’ का आगाज

पाक्सो कानून,बाल अधिकारों और साइबर सुरक्षा की दी जाएगी जानकारी

बच्चों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों को भी किया जाएगा प्रशिक्षित

कटिहार कोर्ट – बच्चों को यौन शोषण, बाल विवाह और साइबर अपराधों से बचाने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को कटिहार में सुरक्षित बचपन अभियान 2026’ का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के दिशा-निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणवीर सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार कटिहार एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अभियान के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम में अवर न्यायाधीश-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार कमलेश सिंह देऊ, मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव, जिला शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, तटवासी समाज न्यास की कवच परियोजना के प्रबंधक,विद्यालय के प्रधानाध्यापक, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक प्रभा पाण्डेय तथा बाल प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर अभियान की शुरुआत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएलएसए के सचिव कमलेश सिंह देऊ ने कहा कि बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभियान के तहत बच्चों को पॉक्सो अधिनियम- 2012, बाल अधिकार, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में उम्र के अनुरूप जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप नहीं रहने और अपने भरोसेमंद वयस्क अथवा संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रतिभागी विद्यालय से दो शिक्षकों को प्रभारी शिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे नवंबर 2027 तक विद्यालयों में नियमित जागरूकता सत्र आयोजित कर सकें और बच्चों की सुरक्षा के प्रति निरंतर सजगता बनाए रखें।।मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव ने बच्चों को कानूनी संरक्षण और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि संकट की स्थिति में नालसा की विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 का उपयोग किया जा सकता है। बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा,साइबर अपराधों से बचाव और अपनी समस्याओं की जानकारी उचित माध्यम से देने के महत्व से भी अवगत कराया गया।अभियान के प्रथम चरण में 26 से 30 अक्टूबर तक छह प्रमुख विषयों पर विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इनमें ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’, ‘ना बाल विवाह, ना बाल शोषण’ और ‘जागरूक बचपन, सशक्त भारत’ शामिल हैं। इन विषयों के तहत बाल अधिकारों एवं पॉक्सो कानून पर परिचर्चा, विधिक सहायता हेल्प डेस्क, साइबर सुरक्षा सत्र, शारीरिक सुरक्षा संबंधी जागरूकता, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, निबंध, नारा लेखन और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।।

कवच परियोजना के प्रबंधक ने बताया कि जिले के 91 चिन्हित सरकारी विद्यालयों में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए तटवासी समाज न्यास की टीम शिक्षा विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य कर रही है। 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सघन जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

इसका उद्देश्य बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना और उनके लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं सहयोगपूर्ण वातावरण तैयार करना है। कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रभारी प्राचार्य उदयशंकर सिंह, शिक्षक कृष्ण प्रसाद कौशिक, राजेश कुमार, चंदन झा, उत्तम कुमार, फैजी इमाम, दीपक कुमार, राशिद अजर, प्रफुल्ल कुमार राय, अभिषेक कर्ण, प्रियंका शर्मा, किरण प्रिया, अभिलाषा कुमारी, विभा कुमारी एवं शिवनारायण मंडल सहित अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं तटवासी समाज न्यास की ओर से अमरेश कुमार सिंह, रौशन कुमार एवं प्रवीण कुमार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आशीष कुमार झा, विजय शंकर झा, सिंटु कुमार एवं मो. शहनवाज आलम उपस्थित रहे।

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